हरेक भक्त की मनोकामना पूरी करते हैं संकट मोचन

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 14-Jan-2017

150 साल पुराना है नया बाजार का हनुमान मंदिर


प्रशांत शर्मा/ग्वालियर।
हनुमानजी के शहरभर में कई मंदिर हैं लेकिन कुछ ऐसे मंदिर हंै जो सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हैं। कभी अपने आराध्य की रक्षा तो कभी अपने भक्तों का संकट हरने, समय-समय पर बजरंगबली ने कई रुप धरे हैं। शहर के नया बाजार स्थित चौराहे पर संकट मोचन हनुमान मंदिर पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी कराने के लिए आते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु की मांगी गई मुराद पूरी होती है। यहां आने वाले भक्तों की झोली खाली नहीं रहती। 

यूं तो हनुमान जी गुड़ चने के प्रसाद से प्रसन्न होते हैं लेकिन संकट मोचन हनुमान जी को  सबसे प्रिय है बेसन के लड्डू।  यूं तो इस मंदिर में हर दिन ही भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं लेकिन मंगलवार और शनिवार को यहां विशेष पूजन होता है और जो भी भक्त इस दिन लड्डू का प्रसाद चढ़ाता है उसे हनुमान जी का आशीर्वाद मिल जाता है। परीक्षा में पास होना हो या मुकदमों में जीत हासिल करना हो, रुके काम पूरे करना हो या दुश्मनों से पार पाना हो, संकट मोचन हनुमान हर मुराद पूरी करते हैं। जीवन की हर कठिन लड़ाई में भक्तों को जीत का वरदान देते हैं संकट मोचन हनुमान।  

स्वयंभू है संकट मोचन हनुमान
मंदिर के पुजारी गोपाल कृष्ण दुबे ने बताया कि संकट मोचन हनुमान स्वंयभू  प्रकट हुए थे। यह मंदिर 150 साल पुराना है। उन्होंने बताया कि छोटी मूर्ति के बाद आज से 150 वर्ष पूर्ण उनके पूर्वजों द्वारा यहां पर संकट मोचन की बड़ी प्रतिमा को स्थापित किया गया था। श्री दुबे 35 साल से मंदिर में अपनी सेवाएं दे रहे हंै।

संकटमोचन करते है भक्तों का बेड़ा पार
हर मंगलवार और शनिवार को हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं का तांता संकट मोचन के दर्शन के लिए लगा रहता है। यहां आने वाले भक्तों की अधूरी इच्छा तो पूरी होती ही है हनुमान जी के बारे में करीब से दर्शन का मौका भी मिलता है। हर मंगलवार और शनिवार को हजारों की सख्ंया में श्रद्धालु हनुमान की पूजा अर्चना  करने पहुंचते हैं और मुरादों की झोली भरकर ले जाते हैं।

22 साल से भक्त कर  रहे है सुंदरकांड पाठ
मंदिर के पुजारी श्री दुबे ने बताया कि बालाजी भक्त मंडल के सदस्यों द्वारा नि:शुल्क 22 साल से निरंतर सुंदरकांड किया जा रहा है। उन्होनें बताया कि मंदिर में प्रत्येक दिन शाम 7 से 8.30 बजे तक महिला मंडल द्वारा भजन किए जाते हंै। साथ ही प्रत्येक मंगलवार को बालाजी भक्त मंडल की महिलाओं द्वारा 5 से 7 बजे तक भजन व रात्रि 8 से 10 बजे तक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाता है।  

आरती का समय
4प्रात: 8.30 बजे
4शाम:7 बजे