स्व. जयप्रकाश संपूर्ण क्रांति के जनक व महानायक थे

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 12-Oct-2017

-लोकनायक की 115वीं जयंती मनी
ग्वालियर। लोकतंत्र सेनानी संघ के आव्हान पर बुधवार को मुखर्जी भवन में भारत रत्न लोकनायक स्व. जयप्रकाश नारायण की 115वी जयंती धूमधाम से मनायी गई। इस जयंती में मुख्य बात यह रही कि फर्जी प्रमाणीकरण करने वालों को समारोह से दूर रखा गया।

जयंती के  आरंभ में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित किया गया, तदुपरांत लखनऊ प्रवास पर गए संगठन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संतोष शर्मा ने मोबाइल के माध्यम से संबोधन दिया। लोकनायक स्व. जयप्रकाश नारायण के जीवन पर प्रकाश डालते हुए लोकतंत्र सेनानी संघ की स्मारिका समिति के राष्ट्रीय संयोजक तथा प्रांतीय सचिव मदन बाथम ने कहा कि वर्ष 1902 को आज ही के दिन उत्तरप्रदेश के बालिया में जन्मे लोकनायक स्व. जयप्रकाश नारायण ने 1939 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेज सरकार के विरुद्ध लोक आंदोलन का नेतृत्व किया था, जिसमें उन्हें नौ माह की सजा हुई थी तथा 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान वे मुबंई की आर्थर जेल से फरार हो गए थे।  प्रो. योगेन्द्र मिश्र ने कहा कि 15 जून 1975 को पटना के गांधी मैदान में छात्रों की विशाल आम सभा में संपूर्ण क्रांति का उद्घोष किया था। उन्होंने कहा था कि भ्रष्टाचार और बेरोजगारी मिटाना, शिक्षा में क्रांति लाने के लिए संपूर्ण क्रांति आवश्यक है। इसका आव्हान उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए किया था। उन्होंने लोकतंत्र में विश्वास रखनेवाली सरकार को स्थापित  करने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में सहयोग करने का आव्हान भी किया।  प्रांतीय उपाध्यक्ष मोहन विटवेकर ने संगठन की रीवा में संपन्न प्रांतीय कार्यसमिति के निर्णयों से अवगत कराते हुए समयदानी लोकतंत्र सेनानी बनने का आव्हान किया।  उन्होंने संपूर्ण क्रांति की व्याख्या करते हुए कहा कि लोकनायक ने कहा था कि संपूर्ण क्रांति में सात क्रांतियां शामिल हैं।  इस मौके पर स्वागत भाषण जी. पी. गर्ग ने दिया। समारोह का संचालन मदन बाथम तथा आभार पुनीत सक्सेना ने व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धांजलि दी गई।

इनका हुआ सम्मान:-  समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष योगदान के लिए संगठन की ओर से वैद्य गजेन्द्र गड़कर, योगेन्द्र मिश्र, गुलशन गोगिया, अमृत सिंह सिकरवार एवं वी. पी. मिश्र को शाल-श्रीफल से सम्मानित किया गया।

लोकतंत्र की लड़ाई लड़ी जयप्रकाश नारायण ने

ग्वालियर लोक चेतना मंच के तत्वावधान में मधुवन गार्डन में लोकनायक स्व. जयप्रकाश नारायण के जीवन पर परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता अभिमन्यु सिंह सेंगर ने कहा कि स्व. जयप्रकाश नारायण की त्याग और तपस्या को भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने तानाशाही के खिलाफ लोकतंत्र की लड़ाई लड़ी। वे हमेशा निरंकुश आपातकाल का विरोध करते हुए देश में छात्र और नौजवानों के साथ मिलकर क्रांति का नारा देते थे। परिचर्चा में आर.पी. शर्मा, नरेन्द्र सिंह तोमर, प्राचार्य आर.सी. गुप्ता, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, रामभरोसी शर्मा एवं आशीष जादौन आदि उपस्थित थे।