देव उठनी एकादशी की पूजा के लिए यह है शुभ मुहूर्त

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 30-Oct-2017

स्वदेश वेब डेस्क। दीपावली के बाद देव हरि विष्णु 31 अक्टूबर (मंगलवार) कार्तिक शुक्ल पक्ष देव प्रबोधिनी एकादशी को अमृत योग एवं त्रिपुष्कर योग में अपनी योग निंद्रा से जागेंगे। और श्री हरि इस दिन को देव उठनी एकादशी या देव दीपावली भी कहा जाता है।

इस दिन की खास बात यह है कि भगवान विष्णु के योग निंद्रा से जागने के साथ ही माता तुलसी का विवाह होता है। और मांगलिक कार्य-विवाह शादी पर लगी रोक भी हट जाती है, गुरू और शुक्र के अस्त होने एवं मलमास होने के कारण इस वर्ष लम्बे समय तक शादियां रूकी रहेंगी। ज्योतिषाचार्य पं. सतीश सोनी के अनुसार ऐसा इसलिए होगा क्योंकि ज्योतिष गणनाओं में सूर्य का वृश्चिक राशि में प्रवेश लगभग 17 नवम्बर को होता है।  सूर्य के वृश्चिक राशि में प्रवेश के साथ ही शादी-विवाह शुरू हो जाते हैं। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि 11 नवम्बर को गुरू उदय होने के बाद शादी विवाह शुरू होंगे।

देव उठनी एकादशी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त :- शाम 7.29 बजे से 8.26 रात्रि तक