प्रदेश में जिला मार्गों को राजमार्गों में बदलने की तैयारी

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 08-Oct-2017

भोपाल ब्यूरो। सड़क विकास निगम के पास इन दिनों कोई काम नहीं है। वहीं अगले वर्ष चुनाव भी हैं ंइसलिए काम सड़कों को लेकर दिखना भी जरूरी है यही कारण है कि जरूरत नहीं होने पर भी जिला मुख्यमार्गों को राज्य के राजमार्ग में बदलने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए एडीबी से लोन लिया जायेगा।
काम की तलाश में निगम के अधिकारी नए जिला मुख्य मार्गों को राज्य राजमार्ग में शामिल कराने के प्रयास मे लगे हुए हैं। इन मार्गों की लंबाई करीब सत्रह सौ किलोमीटर बताई जा रही है। निगम द्वारा यह प्रयास ऐसे समय किए जा रहे हैं जब पहले ही राज्य सरकार ने 11389 किमी के जिला मुख्य मार्गों को राजमार्ग में तब्दील कर दिया है।  खास बात यह है कि जिन जिला मुख्य मार्गों को राज्य राजमार्ग बनाया जाना है, उन पर न तो ट्रैफिक का दबाव है और न ही उनकी वर्तमान में विशेष उपयोगिता है।

बताया जाता है कि सड़क विकास निगम के पास अब एक भी ऐसा मार्ग नहीं बचा है, जिस पर वह काम करे, क्योंकि प्रदेश के ऐसे मुख्य मार्ग जिन पर ज्यादा ट्रैफिक था, वे पहले ही बीओटी, टोल एन्यूटी, एन्यूटी, कैश कान्ट्रेक्ट (ईपीसी) मोड पर बनाए जा चुके हैं। ऐसे में सड़क विकास निगम नए मार्ग तलाश रहा है। अब तक जितने भी मोड पर सड़कें बनाई गई हैं, उन सब से अलग एक नये मोड पर ये नए राजमार्ग बनाए जाएंगे। इसके लिए हाइब्रीड एन्यूटी मोड अपनाया जाएगा। इस मोड से जो मार्ग बनाए जाएंगे, उनके लिए प्रोजेक्ट लागत 50 फीसदी धन ठेकेदार को निर्माण के दौरान दिया जाएगा। शेष 50 प्रतिशत हिस्सा उसे 15 साल में देना होगा। इस अवधि में सड़क का मेंटेनेंस ठेकेदार को ही करना होगा। नए मोड को लागू करने वाला मप्र शायद देश में पहला राज्य होगा।

कर्ज के लिए बनाया नया प्रस्ताव

सामान्य जिला मार्गों को मुख्य जिला मार्ग और मुख्य जिला मार्गों को राज्य राजमार्ग घोषित किया गया है। इसके लिए एडीबी से छठवें चरण में लोन लेने की प्रक्रिया चल रही है। खास बात यह है कि एडीबी ने सड़क विकास निगम को पूर्व में लोन देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद निगम के अधिकारियों ने हाईब्रीड एन्यूटी मोड पर काम किया और मुख्य जिला मार्गों को राज्य राजमार्ग के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव बनाया। बताया जाता है कि सड़क विकास निगम के पास नया काम नहीं होने से ऐसे मार्गों को भी राज्य राजमार्ग चिह्नित कर लिया गया है, जिन पर वर्तमान में ट्रैफिक का दबाव नहीं है।

एडीबी से लोन लेकर बनाएंगे

सड़क विकास निगम ने अब तक पांच चरणों में एडीबी से लोन लिया है। छटवीं बार लोन लेकर घोषित नए राजमार्ग बनाए जाना है। इसमें राज्य शासन का 30 प्रतिशत हिस्सा रहेगा, शेष लोन की राशि होगी। सभी सड़कों पर होने वाले खर्च का अनुमान तो नहीं लगाया जा सका, लेकिन अरबों रुपए का लोन लेने के बाद काम पूरा हो पाएगा। घोषित किए गए नए राज्य राजमार्गों का काम वर्ष 2018 में यानी चुनावी वर्ष में शुरू किया जाएगा, ताकि चुनाव में इसका फायदा मिल सके।