जिम्बावे में सेना ने किया कब्जा

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 16-Nov-2017

हरारे। जिम्बाब्वे में तख्तापलट का संकट मंडरा रहा है। राजधानी हरारे की सड़कों पर मंगलवार को सेना को देखा गया। देश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच सेना प्रमुख जनरल कॉन्स्टेनियो चिवांगे ने सत्तारूढ़ दल के सदस्यों को सीधी चेतावनी दी है। यह जानकारी बुधवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली।

बताया जाता है कि सेना ने सरकारी चैनल जेडबीसी पर कब्जा कर लिया है। राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे के आवास के बाहर कई राउंड गोलियां भी चलने की खबर है। इस बीच अमेरिका और ब्रिटेन ने अपने नागरिकों के लिए सलाहकारी भी जारी कर दी है।

रिपोर्ट के अनुसार, हरारे की सड़कों पर सशस्त्र बल टैंकों के साथ उतर आया है। बुधवार तड़के तीन बड़े धमाकों बड़े धमाकों की आवज भी सुनाई पड़ी।बताया जा रहा कि स्टेट ब्रॉडकास्टर जेडबीसी पर भी सेना ने कब्जा कर लिया है। सरकार ने सेना पर विश्वासघात करने का आरोप लगाया है।

समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे के हरारे स्थित निजी आवास के पास धमाकों की आवाज सुनाई पड़ी है। तीन से चार मिनट के भीतर 30-40 राउंड फायरिंग की आवाज भी आई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यूनिवर्सिटी ऑफ जिम्बाब्वे के पास भी धमाके की आवाज सुनाई पड़ी।

जिम्बाब्वे के सेना प्रमुख की तरफ से सैन्य हस्तक्षेप की चेतावनी के बाद सत्ताधारी पार्टी ने उन पर देशद्रोहपूर्ण गतिविधि में शामिल होने का आरोप लगाया है। विदित हो कि कुछ दिन पहले राष्ट्रपति मुगाबे ने उप राष्ट्रपति को बर्खास्त कर दिया था। इसी के बाद से सेना हरकत में आई है। जनरल चिवेंगा ने चेतावनी दी थी कि सत्ताधारी पार्टी में चल रही उथल-पुथल को खत्म करने के लिए सेना हस्तक्षेप करेगी।

हालांकि सेना ने रात भर की आशांति और राज्य के प्रसारक पर कब्जा जमाने के बाद बुधवार को बयान जारी कर देश को आश्वस्त किया है यह तख्तापलट नहीं है।

सेना ने आगे कहा कि राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे सकुशल हैं। सेना केवल उनके इर्द गिर्द रहने वाले अपराधियों को निशाना बना रही है जिनके चलते देश की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है।

समाचार पत्र वाशिंगटन सेना के प्रवक्ता ने कहा, “ जैसे ही हम अपना मिशन पूरा कर लेंगे स्थिति सामान्य हो जाएगी। ” इस बीच सेना ने प्रसारण के जरिए सैन्य कर्मियों को सूचित किया है कि उनकी छुट्टियां रद्द हो गई हैं और उन्हें तुरंत प्रभव से बैरेक में लौटने का आदेश दिया गया है।