चुनाव शून्य घोषित मामला : विधायक नीना वर्मा को मिला स्टे

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 21-Nov-2017


धार।
धार विधायक नीना वर्मा के खिलाफ इंदौर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सोमवार को फैसला सुनाया गया। न्यायाधीश आलोक वर्मा ने सोमवार को अपने फैसले में श्रीमती वर्मा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया है। हाईकोर्ट इंदौर में धार के सुरेशचंद्र भंडारी द्वारा याचिका लगाई गई थी, जिस पर यह फैसला आया है। न्यायाधीश आलोक वर्मा सात दिन बाद ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं। हाईकोर्ट ने धार की विधायक नीना वर्मा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया है। मामले की अंतिम सुनवाई 21 सितंबर को हुई थी, जिस पर अदालत ने आदेश सुरक्षित रखा था। गौरतलब है कि श्री भंडारी ने दायर अपनी याचिका में आरोप लगाए थे कि नीना वर्मा ने नामांकन फॉर्म में कई जानकारियां या तो अधूरी दी थी या बिल्कुल नहीं दी थी। इस आधार पर उनका चुनाव रद्द किया जाए।

फैसले के बाद 45 दिन का मिला स्टे

धार भाजपा विधायक नीना वर्मा के चुनाव को शून्य घोषित करने के फैसले के तुरंत बाद श्रीमती वर्मा के अभिभाषक द्वारा स्टे के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसे न्यायाधीश द्वारा मान्य कर लिया गया। तथा कोर्ट ने पूरे मामले पर 45 दिन का स्टे दे दिया है। ऐसे में आज ही शून्य घोषित करने के बाद कोर्ट द्वारा स्टे दे दिया गया, इसके बाद श्रीमती वर्मा समर्थकों में हर्ष है। तथा श्रीमती वर्मा फिलाहल विधायक पद पर काबिज रहेगी।

मामले की जानकारी देते हुए विधायक के अभिभाषक अजय लोणकर ने चर्चा में बताया कि हमारे द्वारा स्टे के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसे सहज ही स्वीकार करते हुए कोर्ट ने 45 दिन का स्टे दिया है। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें चुनाव के दौरान कोई जानकारी नहीं छुपाई गई है, कोई अपराधिक प्रकरण भी नहीं है, तथा संपत्ति की जानकारी पूरी दी गई थी। साथ ही रिटार्निंग अधिकारी द्वारा रिमाईंडर भी धार विधायक को नहीं दिया गया, इस प्रकार हमारी ओर से कोई गलती नहीं की गई है। अभी अभिभाषक ने बताया है, कि प्रकरण में स्टे मिला है।