यमन में सउदी गठबंधन सेना के हमले में 6 मरे

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 10-Dec-2017

दुबई। सऊदी गठबंधन सेना ने यमन के दो बाजारों में हमले में किए जिसमें कम से कम छह लोग मारे गए जबकि करीब 35 अन्य घायल हुए हैं। यह जानकारी रविवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली।

स्थानीय टीवी चैनल के अनुसार एक चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि गठबंधन सेना ने शनिवार को नेहम जिले के एक प्रमुख खलाकाह बाजार पर हमला किया जिसमें कम से कम पांच लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। इस हमले में कई दुकानें तथा तीन कारें जल गईं। उन्होंने कहा कि घायलों की संख्या 20 से अधिक है।

इतना ही नहीं गठबंधन सेना ने जाबिद दिले के होदेईदाह शहर को भी शनिवार दोपहर बाद निशाना बनाया जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। इस हमले में भी कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं।

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों के अनुसार यमन में साल 2015 से जारी संघर्ष में अभी तक दस हजार से अधिक लोग मारे गए हैं जिसमें ज्यादातर नागरिक हैं। इसके अलावा तीस लाख लोगों विस्थापित हुए हैं।

जलियांवाल कांड मामला : ब्रिटेन ने माफी मांगने से किया इंकार
लंदन। भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन को दबाने के लिए जलियांवाला बाग में हुए नरसंहार को लेकर ब्रिटेन सरकार ने भारत से मांफी मांगने से इंकार कर दिया है। यह जानकारी रविवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली।

विदित हो कि लंदन के मेयर सादिक खान ने पिछले दिनों मांग की थी कि जलियांवाला बाग कांड के लिए ब्रिटिश सरकार को भारत से माफी मांगनी चाहिए। हालांकि, विदेश कार्यालय ने चार साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के बयान को दोहराया है, जिसमें उन्होंने जलियांवाला बाग कांड की निंदा करते हुए इसे बेहद शर्मनाक कृत्य बताया था।

विदेश कार्यालय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने 2013 में जलियांवाला बाग के दौरे पर नरसंहार को ब्रिटेन के इतिहास में बेहद शर्मनाक कृत्य करार दिया था। इसके साथ ही उन्होंने इसे ऐसी घटना बताया था जिसे नहीं भूलना चाहिए।

विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि यह सही है कि वह मृतकों के प्रति सम्मान रखते हैं और घटना को याद रखते हैं। ब्रिटिश सरकार इस घटना की निंदा करती है।

पाकिस्तानी मूल के सादिक खान भारत और पाकिस्तान के तीन-तीन शहरों की आधिकारिक यात्रा के तहत अमृतसर दौरे पर आए थे। उन्होंने जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और विजिटर्स बुक में लिखा कि अब वक्त आ गया है कि ब्रिटिश सरकार 1919 में हुए जलियांवाला बाग नरसंहार के लिए माफी मांगे।