रोहिंग्या की वापसी के लिए बांग्लादेश और म्यांमार ने बनाया संयुक्त कार्य समूह

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 19-Dec-2017

ढाका। रोहिंग्या शरणार्थियों के प्रत्यावर्तन की देख रेख के लिए बांग्लादेश और म्यांमार ने संयुक्त कार्य समूह बनाया है। यह जानकारी मंगलवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली।

बांग्लादेश की वेबसाइट बीडी न्यूज 24 के अनुसार, विदेश सचिव मोहममद शाहिदुल हक और म्यांमार के उनके समकक्ष यू माइइंट थू ने अपनी -अपनी सरकार के बदले विदेश मंत्री ए.एच. महमूद अली के समक्ष यहां मंगलवार को एक समझौता पर हस्ताक्षर किए। विदित हो कि समझौता से पहले स्थाई सचिव के नेतृत्व में नौ सदस्यीय म्यांमार के प्रतिनिधिमंडल ने बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की। इस बैठक में दोनों देशों के संबंद्ध मंत्रालयों और एजेंसियों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

समझौता के अनुसार, संयुक्त पैनल रोहिंग्या शरणार्थियों की सुरक्षित और स्वैच्छिक वापसी, पुनर्वास और फिर से एकीकरण के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। विदित हो कि गत 23 नवम्बर को नापीथा में दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ था जिसमें इन बातों को रेखांकित किया गया था।
संयुक्त कार्य समूह शरणार्थियों की वापसी की व्यवस्था करेगी जिसमें सत्यापन के लिए तंत्र बनाना, समय सीमा, परिवहन एवं अन्य संबंद्ध व्यवस्था, स्वागत प्रक्रिया और संचार शामिल हैं। 

उल्लेखनीय है कि प्रत्यावर्तन की प्रक्रिया गत 23 नवम्बर को हुए समझौते के दो महीने के भीतर शुरू होनी है। संयुक्त कार्य समूह में दोनों देशों के 15-15 सदस्य होंगे। पैनल यूएनसीएचआर और अन्य इच्छुक अंतर्राष्ट्रीय संगठन समेत संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों की मदद लेगा।