नंदकुमार ने कहा - शिवराज सरकार ने 2017 में किसानों के हित में लिए रिकॉर्ड तोड़ फैसले

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 31-Dec-2017


भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश में बीत रहे साल 2017 में किसानों की चुनौती पूर्ण समस्याओं के समाधान देने के लिए कारगर सिद्ध हुए हैं। मध्यप्रदेश में सरकार और किसानों ने मिलकर अनाज, दलहन और तिलहन का रिकार्ड उत्पादन किया और किसान को उसके उत्पाद वाजिब दाम देने के लिए देश में अभूतपूर्व समाधान भावान्तर योजना शिवराज सिंह ने दिया।

उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के अविवादित मामलों के निपटान में 2017 ऐतिहासिक वर्ष साबित हुआ है। किसानों बटवारा, नामान्तरण और सीमांकन जैसे मामलों को इस वर्ष तेजी के साथ निपटाया गया। मध्यप्रदेश में जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को न केवल ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है बल्कि मूलधन में भी 10 प्रतिशत कम वापसी का प्रावधान किया गया है, जो किसान इस योजना का लाभ नहीं ले सके, 2017 में उन किसानों के लिए समाधान योजना के तहत लाया गया और उन्हें भी लाभार्थी बनाने का प्रयास में मध्यप्रदेश सरकार ने किया है।

उन्होंने कहा कि मूल्य स्थिरीकरण कोष के जरिये गिरते दामों के दौरान बाजार हस्तक्षेप करते हुए किसान को सीधे राहत पहुंचाने के लिए शिवराज सरकार ने न केवल दलहन बल्कि सब्जी की भी खरीदी की है। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने किसानों के हित में कानून तक बदल डाले। हर आपदा किसानों के हित में न केवल फैसले किये बल्कि मुआवजा की राशि भी बीते कांग्रेसी दौर से कई गुना दी गई। भावान्तर भुगतान योजना का विरोध करने वाली कांग्रेस अब इसमें अन्य फसलों को भी शामिल करने की मांग करती है, जो कि कांग्रेस का दोमुहापन उजागर करता है। कांग्रेस के जाने-माने नेता भी भावान्तर भुगतान योजना में नामांकित हुए और उसका लाभ लिया। आजादी के बाद पहली बार दलहन और तिलहन के समर्थन मूल्य के आधार पर वाजिब दाम देने का काम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया है।

नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि गरीब किसानों के लिए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभ तेजी से मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के तहत अब किसान के बेटा-बेटी भी बिना किसी जाति पंथ के भेदभाव के बड़े-बड़े शिक्षण संस्थानों में प्रवेश पा रहे हैं। लघु एवं सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए तमाम खेती के उपायों के साथ उनके बेटा-बेटियों को कृषि आधारित उद्योग लगाने के लिए अनुदान आधारित ऋण और अन्य संबंधित मदद देने के लिए कारगार योजना देने वाली देश में शिवराज पहले मुख्यमंत्री हैं। देश में लगभग 45 से ज्यादा और प्रदेश में 35 से ज्यादा बजट पारित करने वाली कांग्रेस सरकार ने किसान को बदहाली के दौर में छोड़ा हुआ था। न सिंचाई की सुविधा, न बिजली और खाद के लाले कांग्रेस राज में हर किसान ने झेले हैं। किसानों के साथ कांग्रेस सरकारें सामन्ति व्यवहार करती रहीं और किसान का शोषण होता रहा। बीता साल यह भी उजागर करता है कि हिंसा और अराजकता फैलाकर कांग्रेस ने किसानों को बदनाम और अपमानित करने का काम किया है। कांग्रेस के शासनकाल में सवा 3 लाख से ज्यादा किसानों की आत्मा हत्याएं हुईं। तब कांग्रेस सरकार के पास न समाधान था और न ही संवदेना। विदर्भ की लीलावती और कलावती के किस्से किसानों ने सुने नहीं झेले हैं।