जौरासी हनुमान जी पर चोला चढ़ाने से होती है मनोकामना पूर्ण

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 18-Mar-2017

श्रृंगार के लिए 2024 तक करें इंतजार

प्रशांत शर्मा /ग्वालियर| ग्वालियर झांसी हाईवे पर जौरासी के पास स्थित जौरासी हनुमान जी के मंदिर पर हर आने जाने वाले वाहन तथा यात्री दर्शन  करने के बाद ही अपनी यात्रा को शुभ मानते हैं। 200 साल पुराने इस प्राचीन मंदिर की महिमा अपरम्पार है। मंदिर में विराजमान पवनपुत्र की प्रतिमा पर चोला चढ़ाने मात्र से ही भक्तों की मनोकामना पूर्ण हो जाती है। अपने भक्तों के हर दु:ख हरने वाले पवनपुत्र मारुतिनंदन को चोला चढ़ाने से जहां सकारात्मक ऊर्जा मिलती है वहीं बाधाओं से मुक्ति मिलती है। यूं तो इस मंदिर में हर दिन ही भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं लेकिन मंगलवार और शनिवार को यहां विशेष पूजन होता है और जो भी भक्त इस दिन लड्डू का प्रसाद चढ़ाता है उसे हनुमान जी का आशीर्वाद मिल जाता है।  

जौरासी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेश चतुर्वेदी ने बताया कि मंदिर में विराजित हनुमान जी की प्रतिमा स्वयं  प्रकट है। पीपल के पेड़ से निकली इस प्रतिमा को निहारने व दर्शन करने के लिए दूर-दर से भक्त यहां पहुंचते हंै।

चोला चढ़ाने के लिए लंबा इंतजार
मंदिरों में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की कतार लगना तो आम बात है। लेकिन यदि आपको भोेग लगाना हो या चोला चढ़ाना हो तो इसके लिए लंबा इंतजार करना होगा।  जौरासी के हनुमान मंदिर पर अगर आप चोला चढ़ाना चाहते हैं, तो इसके लिए आज बुकिंग कराने के बाद सात साल तक इंतजार करना पड़ेगा। यहां श्रद्धालुओं ने 2024 तक के लिए अपनी एडवांस बुकिंग करा रखी है।  जौरासी हनुमान मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेश चतुर्वेदी ने बताया हनुमान जी का श्रृंगार   कराने के लिए लगातार बढ़ती भक्तों की संख्या के कारण यहां वर्तमान में 2024 तक की बुकिंग हो चुकी है।  

भक्तों की झोली खाली नहीं रहती
जौरासी मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी कराने के लिए आते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु की मांगी गई मुराद पूरी होती है। यहां आने वाले भक्तों की झोली खाली नहीं रहती।  

ट्रस्ट द्वारा संचालित होता है मंदिर
मंदिर का संचालन ट्रस्ट द्वारा व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है। जिसमें अध्यक्ष सुरेश चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष मुकेश गुप्ता, सचिव प्रेम सिंह भदौरिया शामिल हैं। वहीं सदस्यों में डॉ. केके तिवारी व डॉ. चुंगलानी शामिल हैं।

मावे का लगता है भोग
जौरासी हनुमान जी पर प्रत्येक दिन मावे का भोग लगाया जाता है। साथ ही मंदिर की सेवा में 5 पुजारियों की नियुक्ति की गई है। जो 4-4 घंटे में अपनी सेवाएं देते हैं।
आरती
-सुबह-6 बजे
-शाम 7 बजे