एमसीडी चुनाव के लिए भाजपा का संकल्प पत्र जारी

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 16-Apr-2017

नई दिल्ली। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने नगर निगम चुनाव 2017 के लिए रविवार को पार्टी का संकल्प पत्र जारी किया। इसमें नगर निगम को पूरी तरह डिजिटल करने, कोई नया टैक्स नहीं लगाने, 10 रुपये में भोजन की थाली और अस्थायी सफाई कर्मचारियों को नियमित करने सहित 41 दावे किये गये हैं। इसके साथ ही पार्टी ने पूर्व में किये अपने कार्यों को इस पत्र के माध्यम से जनता के सामने रखा है। वहीं विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा है।

मनोज तिवारी ने कहा कि भाजपा इस संकल्प पत्र के प्रति कटिबद्ध है और इसकी कार्य प्रगति का वर्ष में दो बार निरीक्षण भी करेगी। उन्होंने कहा कि संकल्प पत्र के पहले भाग में तीनों नगर निगमों के पिछले 5 वर्ष और उससे पूर्व के संयुक्त निगम कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख किया है। पत्र के मुख्य भाग में 41 बिन्दु हैं जिन पर चलकर भाजपा ने दिल्ली को प्रधानमंत्री मोदी के स्वप्न की स्मार्ट सिटी बनाने का संकल्प लिया है। संकल्प पत्र के अंतिम भाग में आम आदमी पार्टी के गत दो साल के कुशासन और कांग्रेस के साथ उसके गठजोड़ से जनता को सावधान रहने के लिए कहा गया है।

तिवारी ने कहा कि 16 हजार रुपये की थाली को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा निगम में दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना लागू करेगी जिसके अन्तर्गत 10 रुपये में भोजन की थाली उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के संपूर्ण ड्रेनेज सिस्टम का नवीनीकरण कर इसे विश्वस्तरीय बनाएंगे जिससे जलभराव की समस्या का स्थाई समाधान हो। नगर निगमों के अंतर्गत आने वाली सभी कोलतार की सड़कों को बार-बार टूटने से बचाने के लिए रेडी-मिक्स कंक्रीट की सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इससे सड़कों को मजबूती मिलेगी तथा उनके रख-रखाव का खर्च भी कम होगा।

तिवारी ने कहा कि वर्षाजल संचयन (रेन वाटर हारवेस्टिंग) को सुनिश्चित करेंगे जिससे जल संचयन सुनिश्चित हो सके। औद्योगिक क्षेत्र में लघु उद्योग को फैक्ट्री लाइसेंस से मुक्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित निगम ने 105 वर्ग मीटर तक के आवासीय प्लाट पर नक्शा पास कराने की शर्त को पहले ही खत्म कर दिया है अब फिर से सत्ता में आने पर 500 वर्ग मीटर तक के प्लाटों में नक्शा पास कराने की अनिवार्यता समाप्त करेंगे। अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित कराने का शुल्क आधा किया जाएगा। पूर्णत: डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। निगम कार्यालय में जाने की कोई जरूरत नहीं होगी सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी| भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, साथ ही पारदर्शिता भी आएगी।