सुमित्रा महाजन ने कहा - एमवाय के डॉक्टर द्वारा लिखी दवाएं जिला स्तर पर भी उपलब्ध हों

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 27-Sep-2017

इंदौर। एमवाय हॉस्पिटल और जिला अस्पतालों में प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति एक माह में सुनिश्चित की जाये। इसके लिए शासन स्तर पर कार्यवाही प्रारंभ कर तुरन्त नियुक्ति हो। एमवाय के साथ-साथ जिला अस्पताल पर भी प्रशासनिक व्यवस्थाओं को संभालने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति की जाये, जिससे प्रशासन स्तर के सभी कामों से डॉक्टर मुक्त हो जाएंगे और वे मरीजों को समय दे पाएंगे। यह बात लोकसभा अध्यक्ष, सांसद और महाविद्यालय की स्वशासी समिति की अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने यहां एक बैठक में कही।

महाजन ने कहा कि एमवाय अस्पताल में आसपास के 15 जिलों से अधिक के मरीज इलाज हेतु इंदौर आते हैं। उनकी बीमारियों को देखते हुए डॉक्टर बीमारी के आधार पर 15 दिन से एक माह तक की दवाएँ उपलब्ध करायें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि ये दवाएँ यदि नियमित रूप से लेना है तो जिला स्तर पर शासकीय अस्पतालों में भी ये दवाएँ उन्हें प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि कई बार मरीजों को 4 दिन की दवायें लिखकर पुन: चेकअप के लिए बुलाया जाता है और उन्हें फिर लाइन में लगना पड़ता है। इस व्यवस्था में सुधार किया जाये और फालोअपpan>लिए अलग व्यवस्था की जाये।

बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि एमवाय में मरीजों का मेडिकल रिकार्ड रखने की व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जायें, जिससे यदि कोई मरीज एक माह बाद भी अस्पताल में पुन: आता है तो उसका मेडिकल रिकार्ड हास्पिटल में उपलब्ध हो। साथ ही ऐसी व्यवस्थाएँ भी सुनिश्चित की जायें कि एमवाय में आने वाले मरीजों को उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट और चेकअप आदि के लिए कोई सीनियर डॉक्टर ओपीडी में सातों दिन उपलब्ध रहे। महात्मा गाँधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की स्वशासी समिति की बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री शरद जैन, विधायक महेन्द्र हार्डिया, संभागायुक्त संजय दुबे, चिकित्सा शिक्षा की संचालक उल्का श्रीवास्तव, चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. थोरा, एमवाय हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. वी.एस. पाल एवं स्वशासी संस्था समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।

बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री शरद जैन ने कहा कि शासकीय हास्पिटलों के आसपास अतिक्रमण नहीं होना चाहिये, इसके लिए जिला स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। बैठक में विगत बैठक की कार्ययोजना प्रस्ताव की समीक्षा की गई और मंत्री ने निर्देश दिये कि विगत बैठक में अनुमोदित किये गये सभी कार्यों को समयसीमा में पूर्ण किया जाये। बैठक में प्रस्ताव आया कि महाविद्यालय के कुछ डॉक्टर अध्ययन अवकाश पर गये हैं, उनको वेतन की सुविधा नहीं दी गई है। इस पर मंत्री ने शासन को उक्त प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिये हैं। स्टूडेंट वेलफेयर फंड के नाम से ली जाने वाली राशि उसी मद में खर्च की जायेगी। स्वशासी संस्था के कर्मचारियों के लिए मेडिकल बिल की सुविधा पर चर्चा करते हुए स्वशासी संस्था के नियमानुसार भुगतान के अतिरिक्त की राशि के लिए प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिये हैं। बैठक में मंत्री शरद जैन ने निर्देश दिये हैं कि अब हर वर्ष स्वशासी संस्था समिति की बैठक आयोजित की जाये।