‘न्यू इंडिया’ का आधार बनेगा 21वीं सदी के नए मतदाताओं का वोट: मोदी

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 01-Jan-2018

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक जनवरी 2018 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं से मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने का आग्रह करते हुए कहा कि आपका वोट न्यू इंडिया का आधार बनेगा। मोदी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि ऊर्जावान युवाओं के कौशल और ताक़त से ही हमारा ‘न्यू इंडिया’ का सपना सच होगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मन की बात कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों की तर्ज पर युवाओं से 21वीं सदी के भव्य-दिव्य भारत के लिए एक जन-आन्दोलन खड़ा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा अगले पांच सालों में एक नए भारत के निर्माण विषय पर देशभर के विचारों को साझा करने के लिए 15 अगस्त के आसपास दिल्ली में एक मॉक पार्लियामेंट आयोजित करें। मोदी ने कहा कि इस मॉक पार्लियामेंट में प्रत्येक ज़िले से चुना गया एक युवा हिस्सा ले और इस विषय पर चर्चा करें कि कैसे अगले पांच सालों में एक नए भारत का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नया भारत जातिवाद, साम्प्रदायवाद, आतंकवाद, भ्रष्टाचार के ज़हर से मुक्त हो। गन्दगी और ग़रीबी से मुक्त हो। सभी के लिए समान अवसर हो और उनकी आशा-आकांक्षाएं पूरी हों। नया भारत जहां शांति, एकता और सद्भावना ही हमारा प्रेरणादायी शक्ति हो। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वोट की शक्ति, लोकतंत्र में सबसे बड़ी शक्ति है। लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए ‘वोट’ सबसे प्रभावी साधन है। आप केवल मत देने के अधिकारी नहीं बन रहे हैं बल्कि 21वीं सदी का भारत कैसा हो और इसमें आपके सपने क्या हों। 

प्रधानमंत्री ने हज पर जाने वाली मुस्लिम महिलाओं पर लगी ‘महरम’ या पुरुष गार्जियन की पाबंदी को उनके साथ अन्याय करार देते हुए कहा कि 70 सालों से चली आ रही इस पाबंदी को उनकी सरकार ने समाप्त कर दिया है और अब महिलाएं अकेले भी हज यात्रा पर जा सकती हैं। इसके तहत 1300 महिलाएं आवेदन भी कर चुकी हैं। उन्होंने स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी का विषय बताते हुए कहा कि स्वच्छता, सिर्फ सरकार करे ऐसा नहीं। स्वच्छता के लिए हर नागरिक और नागरिक संगठनों की भी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता के स्तर की उपलब्धियों का आकलन करने के लिए आगामी चार जनवरी से 10 मार्च 2018 के बीच दुनिया का सबसे बड़ा सर्वे ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2018’ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नागरिकों से अपील है कि इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

मोदी ने कहा 26 जनवरी हमारे लिए एक ऐतिहासिक पर्व है। इस वर्ष 26 जनवरी 2018 का दिन, विशेष रूप से याद रखा जाएगा क्योंकि इस वर्ष गणतंत्र-दिवस समारोह में सभी 10 आसियान देशों के नेता मुख्य-अतिथि के रूप में भारत आएंगे। ऐसा भारत के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ है। यह भारतीयों के लिए गर्व की बात है।प्रधानमंत्री ने कहा कि नए साल में लोगों को 'प्रगतिशील भारत' बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए और उन्होंने कश्मीर के प्रशासनिक सेवा के टॉपर अंजुम बशीर खान खट्टक की प्रेरणादायक कहानी का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि खट्टक ने आतंकवाद और घृणा के दंश से बाहर निकल कर कश्मीर प्रशासनिक सेवा परीक्षा में टॉप किया है। 1990 में आतंकवादियों ने उनके पैतृक-घर को जला दिया था। वहां आतंकवाद और हिंसा इतनी अधिक थी कि उनके परिवार को अपनी पैतृक-ज़मीन को छोड़ के बाहर निकलना पड़ा। एक छोटे बच्चे के लिए उसके चारों ओर इतनी हिंसा का वातावरण, दिल में अंधकारात्मक और कड़वाहट पैदा करने के लिए काफ़ी था - पर अंजुम ने ऐसा नहीं होने दिया। उन्होंने कभी आशा नहीं छोड़ी। उन्होंने अपने लिए एक अलग रास्ता चुना- जनता की सेवा का रास्ता। वो विपरीत हालात से उबर कर बाहर आए और सफलता की अपनी कहानी ख़ुद लिखी। आज वो सिर्फ जम्मू और कश्मीर के ही नहीं बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। 

प्रधानमंत्री ने गत सप्ताह जम्मू-कश्मीर की छात्राओं के एक दल से मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जज़्बा, उत्साह और सपने प्रेरणादायी थे। वह आशा-भरी ज़िन्दगी से लबरेज थीं। उनमें निराशा का नामोनिशान नहीं था और असल में ये ही देश की ताकत है।