केंद्र सरकार ने विदेश में पढ़ाई के लिए 458 छात्रों को दी छात्रवृत्ति

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 11-Jan-2018

नई दिल्ली। विदेशों से प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में छात्र भारत में शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। इसी प्रकार यहां के छात्र भी अन्य देशों में उच्च शिक्षा के लिए जाते हैं। मेधावी छात्र केवल पैसे की कमी के कारण इस अवसर से चूक न जाएं, इसके लिए भारत सरकार अनेक छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) योजनाएं चला रही है। इसके तहत सरकार ने वर्ष 2015-16 में 160 और 2016-17 में 249 छात्रों को छात्रवृत्ति देकर विदेश में पढ़ने भेजा है। इनमें से तकरीबन आधे छात्र अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग से संबंधित थे। 

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के अनुसार विदेशी शिक्षण संस्थाओं में भारतीय छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने की कोई योजनाएं हैं। इसमें अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति (नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप) योजना, अनुसूचित जाति के लिए राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति (नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप) योजना, रमन-चर्पक फेलोशिप, इसके अलावा विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग का एक सांविधिक निकाय विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड भी कई कार्यक्रम चलाता है। इसमें ओवरसीज डॉक्टोरल फेलोशिप प्रोग्राम, ओवरसीज पोस्टडॉक्टोरल फेलोशिप, एसईआरबी न्यूटन-भाभा इंटरनेशनल फेलोशिप शामिल हैं।

एमएचआरडी के अनुसार जनजातीय मामलों का मंत्रालय देश के मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को विदेशों में इंजीनियरिंग, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में स्नातकोत्तर, पीएचडी और डॉक्टरेट व शोध के लिए आर्थिक मदद करता है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 6 लाख प्रति वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति (नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप) योजना के तहत सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय छात्रों को छात्रवृत्ति देता है। भारत का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और फ्रांस का विदेश मंत्रालय एवं अंतरराष्ट्रीय विकास संयुक्त रूप से रमन-चर्पक फेलोशिप को आर्थिक सहयोग करता है। इस योजना का उद्देश्य दोनों देशों के छात्रों के शोध स्किल को बेहतर बनाना और एक-दूसरे देश में शोध का अवसर मुहैया कराती है।

केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति (नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप) योजना के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग के 16 छात्रों को शैक्षणिक सत्र 2016-17 में और 15 छात्रों को वर्ष 2015-16 में छात्रवृति दी गई। अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों को क्रमश: 108 और 50 छात्रों को दी। रमन-चर्पक फेलोशिप के तहत इस अवधि में 25 और 15 छात्रों को छात्रवृति के लिए चुना गया। ओवरसीज पोस्टडॉक्टोरल फेलोशिप क्रमश 100 और 80 छात्रों को दी गई। इसके अलावा ओवरसीज डॉक्टोरल फेलोशिप प्रोग्राम के तहत वर्ष 2015-18 के दौरान कुल 27 छात्रों को छात्रवृति दी गई। एसईआरबी न्यूटन-भाभा इंटरनेशनल फेलोशिप से 2016-2018 में 22 छात्र लाभान्वित हुए।