रघुपति राघव राजाराम, कुलपति को सद्बुद्धि दे भगवान

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 12-Jan-2018

अभाविप ने किया हंगामा, कहा-जबरन वसूला जा रहा पंजीयन शुल्क

ग्वालियर, न.सं.। राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में संस्कृति विभाग के निर्देशों पर आयोजित की जा रही राष्टÑीय कलाबोध कार्यशाला विवादों में आ गई है। कार्यशाला में छात्रों से नियम विरूद्ध तरीके से 500 रूपए पंजीयन शुल्क वसूलने एवं आमंत्रित विशेषज्ञों की जगह दूसरे कलाकारों को बुलाने को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने गुरूवार को कार्यक्रम स्थल पर पहुंच कर जमकर हंगामा प्रदर्शन किया और कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की। जिस पर पुलिस कार्यकर्ताओं को जबरन उठाकर थाने ले गई।

विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रतीक शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने विवि कुलपति प्रो. लवली शर्मा के कक्ष के बाहर प्रदर्शन करते हुए कहा कि कार्यशाला में दस विधाओं के लिए विशेषज्ञ कलाकारों को आमंत्रित किया गया, लेकिन उन्होंने अपने शिष्यों या अन्य कलाकारों को पहुंचा दिया। कार्यक्रम में दूसरे महाविद्यालयों से आए छात्रों से 500 रुपए पंजीयन शुल्क लिया गया और चार दिन रहने व खाने की व्यवस्था की गई। जबकि विवि के विद्यार्थी से सिर्फ सर्टिफिकेट के लिए 500 रूपए जमा कराए गए।  कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि संस्कृति विभाग ने कार्यशाला के लिए 70 लाख रुपए स्वीकृत किए थे, इसके बावजूद छात्रों से पंजीयन शुल्क वसूला जा रहा है। इस पर विवि प्रबंधन ने कहा कि विवि के विद्यार्थियों के लिए खाने की व्यवस्था कर सकते है, लेकिन पंजीयन शुल्क माफ नहीं करेंगे। इस पर छात्र भड़क गए और कुलपति कक्ष के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों के हंगामे को देखते हुए कुलपति ने झांसी रोड थाना प्रभारी दीपक यादव को सूचना दी। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी विवि पहुंचे और छात्रों को समझाने की कोशिश की। लेकिन छात्र नहीं माने, जिस पर छात्रों को पुलिस थाने लेकर पहुंची। हालांकि करीब आधे घंटे बाद  सभी को छोड़ दिया गया। प्रदर्शन करने वालों में नीतराज शर्मा, अमन राय, नीलेश कटारे, दीपक राजपूत सहित दर्जनों कार्यकर्ता व छात्र शामिल रहे।

तबला की धुन पर नारेबाजी

प्रदर्शनकारी छात्र विवि परिसर से तबला उठा कर कुलपति कक्ष के बाहर पहुंचे और तबले की धुन पर नारे लगाए। जिसमें छात्रों ने गाना गाते हुए  रघुपति राघव राजाराम, कुलपति को सद्बुद्धि दे भगवान जैसे नारे लगाए। छात्रों के हाथ में तबला देख कुलपति ने कर्मचारियों से पूछा कि छात्रों के पास तबला कहां से आया। इस पर कर्मचारी चुप्पी साध गए और कोई जबाव नहीं दे सके।

कुलपति ने लगाए आरोप, चहेते को ठेका दिलाना चाहती है परिषद्

हंगामें के बाद कुलपति प्रो. लवली शर्मा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि कुलसचिव मुझे बता रहे थे कि अभाविप नेता चहेती फर्म को ठेका दिलाना चाहते हैं, इसलिए मुझ पर लगातार दबाव बनाने की साजिश रची जा रही है। इसके पहले भी अभाविप नेता ने मुझ पर झूठे आरोप लगाए थे, लेकिन मैं दबाव में कोई फैसला नहीं लूंगी। हालांकि संस्कार भारती से जुड़े पदाधिकारियों ने विद्यार्थी परिषद की नौटंकी देख ली है, अब उन्हें ऊपरी स्तर पर जवाब देना पड़ेगा।