फ्रेंड्स ऑफ एमपी मीट्स में अतिथियों ने सुनायी सफलता की कहानी

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 04-Jan-2018

इंदौर। मामा मुझे भी अपना भांजा बना लो। मैं भी आपके साथ काम करना चाहता हूं। यह बात इंदौर में फ्रेंड्स ऑफ एमपी कान्क्लेव में एमपी मीट्स एमपी सेसन में आर्टिस्ट वाजिद खान ने कही। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने तुरंत कहा कि आपको भारत भवन में स्थान दिया जायेगा।

मंदसौर के वाजिद खान ने बताया कि कई रातें हमने फुटपाथ में गुजारी है। इसके बाद इंदौर में मुझे वह सब कुछ मिला जिसकी मैं कल्पना करता था। मैंने यहीं पर पोट्रेट, मूर्ति कला आदि सीखी जिससे मुझे नाम और पैसा दोनों मिला। अब मैं दिव्यांग बच्चों को यह कला सीखा रहा हूं। खान ने कहा कि मुझे अवसर मिलेगा तो मैं दुनिया के सर्वश्रेष्ठ आर्टिस्ट मध्यप्रदेश में तैयार करूंगा। इनका नाम गिनिज बुक ऑफ रिकार्ड और लिम्का बुक में दर्ज है। ये नाखून और कील से पोट्रेट और मूर्ति बनाते हैं। उन्हें फीफा वल्र्ड कप-2022 का युनिक स्कल्पचर का डिजाइन बनाने का भी काम दिया गया है। खान वर्तमान में दुबई में रहते हैं।

मुख्यमंत्री चौहान ने सहभागियों के प्रश्नों के उत्तर में कहा कि प्रदेश में “टेलेंट पूल’’ बनाया जायेगा। इससे हम और हमारे अधिकारी चर्चा कर विकास की योजनाएँ बनायेंगे। उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप की सहायता के लिये “वेंचर केपिटल फण्ड’’ बनाया गया है। चौहान ने कहा कि प्रदेश के लोगों में आत्मविश्वास पैदा करने के लिये कई कदम उठाये गये हैं। उन्होंने कहा कि हॉलिस्टिक एप्रोच से काम करने पर चर्चा की जायेगी।

उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के लोगों ने विदेशों में अपना नाम रोशन करने के साथ ही प्रदेश का भी गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि उनको प्लेटफार्म उपलब्ध करवाने के लिये ही यह आयोजन किया गया है। शुक्ल ने कहा कि प्रदेश की ग्रोथ स्टोरी से सभी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि आपके आईडियाज और इक्सपीरियंस का उपयोग प्रदेश के विकास में किया जायेगा। कान्क्लेव में भोपाल की कु. अवनी मिश्रा ने कहा कि सफलता सबको अच्छी लगती है। उन्होंने कहा कि इसके लिये जरूरी है कि सोच-विचार कर प्लान करो और फिर उसे पूरा करने में जुट जाओ। कु. मिश्रा कम्पनी सेक्रेटरी परीक्षा 2015 की टॉपर हैं। वर्तमान में एनएलआईयू भोपाल में पढ़ रही हैं।

वहीं, भोपाल के आई.टी.इंजीनियर अनुराग असाटी ने बताया कि स्वच्छता के लिये सबसे जरूरी, लेकिन असम्मानजनक माने जाने वाले कबाड़ी के काम में मैंने अपना भविष्य देखा। इसके लिये मैंने “द कबाड़ीवाला डॉट कॉम’’ वेबसाइट बनायी। इसमें रिक्वेस्ट मिलने पर कबाड़ का सामान घर से खरीदा जाता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ऊर्जा हमें प्रेरित करती है।