गायों को छोड़ा लावारिस तो जाना पड़ सकता है जेल

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 06-Jan-2018

मप्र गौवंश वध प्रतिशेध अधिनियम 2004 में बदलाव करेगी सरकार

भोपाल| गायों के संरक्षण को लेकर मध्यप्रदेश आने वाले दिनों में देशभर में मिसाल बनेगा। दरअसल शिवराज सरकार  मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिशेध अधिनियम 2004 में बदलाव करने जा रहा है जिसमें गाय को लावारिस छोड़ने पर गाय पालक पर कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान होगा।

प्रदेश में अब सड़क पर गाय को लावारिस छोड़ना, मालिकों को भारी पड़ सकता है। ऐसा करने पर गाय मालिक के खिलाफ प्रशासन कानूनी कार्रवाई कर सकती है। इसके लिए आला अधिकारियों ने कानून का मसौदा तैयार कर लिया है। जिसके मुताबिक जिला     प्रशासन को अधिकार     होगा कि गायों को खुले में छोड़ने वालों के खिलाफ कानून प्रकरण दर्ज किया जा सके।

मसौदा कानून मंत्रालय को भेजा जा चुका है कि वो सुझाव दे, कि आईपीसी की कौन  सी धाराओं के तहत मामला दर्ज हो। गौ पालकों पर कानूनी कार्रवाई के मसौदे के तहत सरकार  मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिशेध अधिनियम 2004 में बदलाव करेगी। बदलाव के बाद नए कानून का नाम गौवंश संरक्षण एवं वध प्रतिषेध अधिनियम होगा।

चाहे गायों के लिए प्रदेश में एम्बुलेंस चलने की बात हो या लावारिस गायों को सुरक्षित जगह देने की बात, शिवराज सरकार  हर मामले में आगे है, बावजूद इसके देश के पहले गौ अभ्यारण्य में 50 से ज्यादा गायों की मौत सवाल भी खड़ा करती है। ऐसे में इस नए कानून से गौ माता कितनी सुरक्षित रह पायेगी यह तो आने वाले समय में ही पता चल सकेगा लेकिन फिलहाल शिवराज सरकार के इस प्रयास को अच्छा कदम तो माना ही जा सकता है।