मानहानि के मामले में दोषी मप्र कांग्रेस प्रवक्ता की याचिका पर सुनवाई टली

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 13-Feb-2018

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं उनके परिजनों के खिलाफ लगाये गये आरोपों के खिलाफ दायर मानहानि के मामले में मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता के. के. मिश्रा को दो साल की सजा दिए जाने के भोपाल की ट्रायल कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने के लिए दायर अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने एक सप्ताह के लिए सुनवाई टाल दी है। दरअसल मध्यप्रदेश सरकार के वकील मुकुल रोहतगी आज उपलब्ध नहीं थे| इसके बाद कोर्ट ने एक हफ्ते के लिए सुनवाई टाल दी।

पिछले 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वो इस मसले के कानूनी बिंदुओं पर सुनवाई करेगा। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले पर रोक लगााने से इनकार कर दिया था। पिछले 17 नवंबर को भोपाल के ट्रायल कोर्ट ने केके मिश्रा को दो साल की कैद और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।

21 जून 2014 को मिश्रा ने भोपाल में प्रदेश कांग्रेस के दफ्तर में प्रेस कांफ्रेंस कर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं उनके परिजनों पर आरोप लगाया था कि चौहान ने महाराष्ट्र के गोंदिया स्थित अपने ससुराल के 19 लोगों को मध्यप्रदेश परिवहन आरक्षक भर्ती की परीक्षा में पास करवाया था। इसके खिलाफ कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया गया था जिस पर करीब दो सालों से ज्यादा चली सुनवाई में कोर्ट ने केके को दोषी करार दिया था।