क्या कोहली को खेलना चाहिए ‘आईपीएल’

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 17-Feb-2018
सचिन श्रीवास्तव

भारतीय क्रिकेट में छोटे प्रारूप के आईपीएल ने खास जगह बना रखी है। पिछले कुछ सालों में आईपीएल से भारतीय यंगस्टर की नई फौज तैयार हो रही है या यूं कहा जाए कि इस आईपीएल से यंगस्टरों को एक अच्छा प्लेटफॉर्म मिलता है जिसमें अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम या रणजी टीम में जगह बनाने में सफल होते हैं। लेकिन कुछ सीनियर खिलाड़ियों को भी मौका मिलता है कि वह भी अपनी खराब फॉर्म में सुधार करते हुए भारतीय टीम में अपनी दावेदारी मजबूत कर सकें। इस हिसाब से देखें तो आईपीएल एक अच्छा प्लेटफॉर्म है लेकिन क्या जो खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक छोड़ने में कामयाब हुए हैं या जिन खिलाड़ियों को रनों की भूख है उन खिलाड़ियों को आईपीएल जैसे फॉर्मेट में खेलना चाहिए या नहीं, जी हां मेरा आशय रनों की मशीन भारतीय कप्तान विराट कोहली से है। जिन्होनें हाल ही में विश्व के लगभग सारे रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए और कुछ समय बाद वह और बुलंदियों पर होंगे। मेरे प्रश्न में मेरे देश की टीम को लेकर डर छुपा हुआ है कि कहीं रनों के भूखे शेर की इस आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में भूख शांत न हो जाए। क्या यह सही होगा? बल्कि होना यह चाहिए कि भूखे शेर को सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय जंगल में ही भूख मिटाने का मौका दिया जाए। 
 
पिछले कुछ समय में विराट कोहली अपने नाम की तरह विराट कद प्राप्त कर चुके हैं विश्व के कई दिग्गजों ने उनकी तारीफ के पुल बांधे हैं। उनमें से एक पूर्व पाकिस्तानी  बल्लेबाज जावेद मियादाद ने उन्हें महान का दर्जा दिया वहीं आॅस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने कोहली को विश्व का नम्बर एक बल्लेबाज माना है, कोहली की आक्रामक शैली, बल्लेबाजी के कौशल से कई मौके पर उनकी वेस्टइंडीज के सर विवयन रिचर्डस से तुलना की गई। पिछले कुछ समय से विराट कोहली जिस फॉर्म में दिख रहे हैं उससे तो लगता है कि इस आईपीएल में गेंदबाजों की शामत आने वाली है। लेकिन इस आईपीएल में लगातार रन बनाने के बाद जरूरी तो नहीं विराट उसी फॉर्म में रहे, या फिर आईपीएल में विराट किसी बड़ी चोट के शिकार हो जाए? तब क्या होगा इस भारतीय टीम का जो इस समय एकदिवसीय व टेस्ट मैचों में नंबर एक पर मौजूद है। सोचने व समझने की बात है यह सिर्फ मेरा ही डर नहीं है बल्कि यह हर उस प्रशंसक का है जो भारतीय टीम से प्यार करता है।