‘सुखद यात्रा’ मोबाइल एप से होगी यात्रा सुगम

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 06-Mar-2018

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केन्द्रीय सड़क और राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी कल (7 मार्च) को एक मोबाइल एप और आपात स्थिति के लिए निःशुल्क आपात नंबर जारी करने वाले हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा तैयार किए गए इस मोबाइल एप का नाम ‘सुखद यात्रा’ रखा गया है। यह मोबाइल एप राष्ट्रीय राजमार्गों का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के लिए एक सशक्त सहयोगी जैसी भूमिका निभाएगा।

भारत में यह पहली बार होगा जब आपको यात्रा से पहले ही पता चल जाएगा कि आप जिस राजमार्ग पर जाने की योजना बना रहे हैं उस सड़क की गुणवत्ता क्या है, उस मार्ग पर कोई दुर्घटना तो नहीं हुई है या वह सड़क कहीं से टूटी-फूटी तो नहीं है। इतना ही नहीं, राजमार्ग पर आगे कितनी दूरी पर टोल प्लाजा है और उस टोल प्लाजा पर कितनी भीड़ है, उसे पार करने में कितना समय लग सकता है, यह सारी जानकारी भी आप अपने वाहन में बैठे हुए मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे। ताकि जाम में फंसने की बजाय आप पहले कहीं रेस्टोरेंट आदि पर रुककर अपने समय का सदुपयोग कर सकें।

इसके साथ ही केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी एक टोल-फ्री नंबर 1033 भी कल लांच करेंगे। इस निःशुल्क नंबर पर राजमार्ग पर चलने वाला कोई भी यात्री आपातकालीन स्थिति में सूचना देकर सहायता की मांग कर सकेगा और राजमार्ग से संबंधित फीडबैक भी दे सकेगा। आपातकालीन स्थिति में सूचना दिए जाने पर तुरंत सहायता सुनिश्चित करने के लिए इस नंबर को एम्बुलेंस के साथ ही क्रेन सहायता से भी जोड़ा गया है। देश में अलग अलग श्रेत्रों में अलग-अलग भाषा-भाषी की सुविधा के लिए इस मोबाइल एप को बहुभाषी संवाद प्रणाली से जोड़ा गया है।

सड़क व राजमार्ग, जहाज रानी, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन जैसे कई मंत्रालय का कामकाज देख रहे केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी हमेशा से यात्रा को कम जोखिम भरा और सुगम बनाने के लिए अधिकारियों को योजनाएं बनाने के लिए कहते हैं। वे एक नया मोटर व्हीकल एक्ट भी लाए हैं, जो लोकसभा में तो पारित हो गया है लेकिन राज्यसभा में प्रस्तुत किए जाने के बाद प्रवर समिति को भेजा गया है। इसके जल्द पारित हो जाने की संभावना है। इस क्रम में केन्द्रीय सड़क और राजमार्ग मंत्रालय हर राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेशों के प्रत्येक जिले में कम से कम एक मॉडल ड्राईविंग प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए एक करोड़ रुपये देने की योजना पर काम कर रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारी और हल्के मोटर वाहनों के चालकों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसका उद्देश्य वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति ज्यादा जागरूक बनाकर उनके व्यवहार और सोच में बदलाव लाना भी है।

इसके साथ ही सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कृत करने के लिए गैर-सरकारी संगठनों, न्यासों, सहकारी समितियों तथा एजेंसियों को पांच लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में सड़क सुरक्षा जागरूकता और इससे जुड़ी गतिविधियां चलाने वाली एजेंसियों के लोगों को पांच लाख, दो लाख और एक लाख रुपये के पुरस्कार देने की व्यवस्था की गई है।