उसके बाद तुम्हें कोई उसके सा ना मिले !

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 14-May-2018
- पुस्तकों व लेखकों से परिचय का माध्यम बना ताज लिट्रेचर क्लब
-- बैठक में हिन्दी साहित्य की सभी विधाओं की उपस्थिति
 
 कसुम पालीवाल के काव्य संग्रह का विमोचन करतीं क्लब संस्थापिका भावना वरदान, डाॅ. मधु भारद्वाज, डाॅ. आरसी शर्मा, श्वेता मिश्रा, एयरपोर्ट डायरेेक्टर कुसुमदास, पम्मी सडाना व अन्य। 
 
आगरा। किताबों में खोई कुछ लड़कियां, थोड़ी पागल सी होती हैं। ऐसी लड़कियाँ, पर जब भी वादा करती हैं एक बार, निभाती है पूरी शिद्दत से, ठीक वैसे जैसे वादा करती हैं, किसी किताब से। ऐसी लड़की से कभी प्रेम हुआ तुम्हें तो... हो सके तो उसे कभी कहीं जाने मत देना, मुमकिन है कि उसके बाद तुम्हें कोई, उसके सा ना मिले...। साहित्य में काव्य की महत्वकांशा जब कथानक का रूप ले लेती है, तब सुनने श्रोताओं को अनुभव होता है कि वास्तम में आनंद की सिद्धावस्था यही है। रविवार को नगर के साहित्यप्रेमियों के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ जब मंच पर साहित्यकार श्वेता मिश्रा ने नारी के लेखिका भाव को काव्य रूप में प्रस्तुत किया। आगरा में सिंडिकेट बैंक की शाखा प्रबंधक श्वेता मिश्रा ने ‘किताबों में खोई कुछ लड़कियां’ अपनी काव्य रचना सुनाकर लेखक और उससे प्रभावित होकर होने वाले साहित्य सजृन की मौलिकता पर प्रकाश डाला। 
 
गुरू टेगौर के गीतों से प्रारंभ बैठक
अमृता विद्या एजुकेशन फाॅर इममोर्टिलिटी सोसाइटी के सहयोग से सिकंदरा रोड स्थित केएस राॅयल में आयोजित ताज लिटरेचर क्लब की मासिक बैठक में हिंदी व ऊर्दू के लेखकों के साहित्य पर चर्चा सम्पन्न हुई। शुभाशीष गांगुली व शंपा गांगुली ने गुरू टेगौर के गीतों का गायन किया। वरिष्ठ साहित्यकार पम्मी सडाना ने ‘मां तो व्यथा में ही राहत बन जाती है’ काव्य सुनाया। राजकुमार शर्मा, अरूणा गुप्ता, साधना भार्गव, दीक्षा गुप्ता, डाॅ. पियूष जैन, डाॅ.मुक्ता ने काव्य पाठ किया। 
 
युवाओं के लिए मंच प्रस्तुति का माध्यम
क्लब की संस्थापिका नगर की वरिष्ठ साहित्यकार भावना वरदान ने बताया कि शहर में डायरी लिखने वाले कवियों के लिए ताज लिट्रेचर क्लब एक ऐसा मंच बन गया है जहां न केवल साहित्य चर्चा कर सकते हैं बल्कि अपनी कविताओं को दूसरों के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं।
 
इनकी रही सहभागिता 
बैठक में अतिथियों का अभिभावन अमृत विद्या के अनिल शर्मा ने किया। संचालन वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ. मधु भारद्वाज ने किया। बैठक में आगरा एयरपोर्ट डायरेक्टर कुसुमदास, जाने-माने इतिहासकार डाॅ. आरसी शर्मा, लखनऊ की मनीषा चैधरी, समुन सिंह रावत, शैलेंद्र नरवार, रंजन शर्मा आदि उपस्थित रहे। बैठक में कुसम पालीवाल के काव्य संग्रह ‘कुछ कहना है’ का उपस्थित सभी साहित्यकार बंधुओं ने विमोचन भी किया।