स्वच्छता सूची में ग्वालियर का नाम नहीं

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 17-May-2018

 

उजागर हुई नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही

 

 

 

 


 

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छता अभियान का असर अब शहर से कम होता नजर आ रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण बुधवार को जारी केन्द्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण की रिपोर्ट है। पूर्व में जारी राष्ट्रीय स्तर के सर्वेक्षण की रिपोर्ट में जहां ग्वालियर टॉप 27 शहरों में अवार्ड के लिए शामिल था, वहीं इस बार जारी रिपोर्ट में 51 शहरों की सूची से महानगर का नाम नदारत है। वहीं दूसरी ओर स्वच्छ भारत अभियान में मध्य प्रदेश ने बाजी मार ली है। 

स्वच्छता सर्वेक्षण में पहले नंबर पर इंदौर और दूसरे नंबर पर भोपाल है, लेकिन ग्वालियर इस सूची से गायब हो गया। इस दौड़ में पिछडऩे से साफ  है कि नगर निगम का अमला नगर की सफाई व्यवस्था पर कितना ध्यान दे रहा है।

स्मार्ट सिटी योजना में शमिल होने के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के लिए आने वाली क्यूसीआई टीम को दिखाने के लिए नगर निगम के अधिकरियों द्वारा भले की शहर को चमकाकर दिखा दिया हो, लेकिन उसके बाद भी राष्ट्रीय स्तर के सर्वेक्षण की रिपोर्ट में महानगर अपना स्थान नहीं बना पाया है। 

फरवरी माह में आई क्यूसीआई टीम ने नगर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया था। टीम के आने से पहले नगर निगम ने खूब तैयारी की लेकिन नतीजा शून्य ही निकला। निगम के आला अधिकारियों की रुचि नगर को साफ -सुथरा रखने में कम होती जा रही है। निगमायुक्त द्वारा दागी अधिकारियों को पर बैठा दिया गया है, ऐसे अधिकारियों के भरोसे नगर का सफाई व्यवस्था है।

पानी की तरह बहाया पैसा, फिर भी शहर शामिल नहीं स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान नगर निगम ने पानी की तरह पैसा बहाया, लेकिन उसके बाद भी हमारा शहर अवार्डों की सूची में शामिल नहीं हो पाया। साथ ही पिछले वर्ष तत्कालीन निगमायुक्त अनय द्विवेदी के कार्यकाल में ग्वालियर 27वें नम्बर पर शामिल था। लेकिन इस बार सूची से ग्वालियर का नाम ही गायब है।