CG News: छत्तीसगढ़ में 149479 राजस्व प्रकरण लंबित, अपने ही विधायकों से घिरे राजस्व मंत्री
रायपुर। छत्तीसगढ़ भर में 149479 राजस्व प्रकरण लंबित है। इनमें से समय सीमा के अंदर 82274 और समय सीमा के बाहर 67205 प्रकरण हैं। वहीं राजस्व न्यायालय में सीमांकन के कुल 9080 प्रकरण लंबित हैं। इनमें से 7209 प्रकरण समय सीमा के भीतर व 1871 प्रकरण समय सीमा के बाहर है। गुरुवार को विधानसभा में राज्य में लंबित राजस्व प्रकरणों का मामला गूंजा। इसमें राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा अपने ही विधायकों के सवालों से घिर गए।
विधानसभा में विधायक अजय चंद्राकर, उमेश पटेल, शकुंतला पोर्ते ने ध्यानाकर्षण के जरिए लंबित राजस्व मामला का मुद्दा उठाया। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि भुईया पोर्टल भी भगवान भरोसे है। लगता है इसे किसानों को परेशान करने के लिए बनाया गया है। 35 फीसदी डाटा की गलत एंट्री है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि भू अभिलेख में त्रुटि सुधार का अधिकार एसडीएम और तहसीलदार के पास है। पूर्व सरकार ने इस एसडीएम के पास सीमित कर दिया था। नए संशोधन में यह अधिकार अब तहसीलदार को भी दिया गया है। कोई भी व्यक्ति आनलाइन अपनी जमीन संबंधित जानकारी देख सकता है।
विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम का राजस्व विभाग पालन नहीं कर रहा है। लोक सेवा अधिनियम का पालन नहीं करने पर कितने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस पर राजस्व मंत्री ने जवाब दिया कि लंबित प्रकरण में अपील करने पर सुनवाई होगी। लंबित प्रकरणों की संख्या बढ़ी है, बजट सत्र के बाद राजस्व पखवाड़ा चलेगा और लंबित प्रकरणों की सुनवाई भी होगी।
भुईया पोर्टल में त्रुटि कौन सुधारता है : विधायक चंद्राकर
विधायक चंद्राकर ने पूछा कि भुईया पोर्टल में होने वाली त्रुटि कौन सुधारता है? राजस्व मंत्री ने बताया कि पोर्टल का संचालन एनआईसी करता है। त्रुटि सुधारने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त है। विधायक चंद्राकर ने कहा कि भुईया पोर्टल में होने वाली त्रुटि को सुधारने के लिए समयसीमा सात दिनों की है, लेकिन इसे सुधारा नहीं जा रहा है। भुईया पोर्टल भगवान भरोसे है। उन्होंने पूछा राजस्व प्रकरण को लेकर उच्च न्यायालय की टिप्पणी के बाद क्या कार्रवाई की गई? मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि राजस्व प्रकरणों को लेकर शिविर का आयोजन किया गया था।
कार्ययोजना बनाकर काम करें : विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए विभागीय मंत्री से कहा कि राजस्व प्रकरणों को वेंटिलेटर पर जाने से पहले दुरुस्त कर लें। लंबित राजस्व प्रकरणों के लिए यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्ययोजना बनाकर विभाग काम करे। इस पर राजस्व मंत्री ने कहा, जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की जाएगी।