पुतिन की पश्चिम को चेतावनी ; भारत-रूस के बीच दरार न डालें

Update: 2023-10-07 11:04 GMT

File Photo - PM Modi and Putin 

मास्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने पश्चिमी देशों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा- पश्चिमी देश भारत और रूस के बीच दरार डालने की कोशिश न करें। ऐसा करना बेमानी है, क्योंकि भारत एक आजाद देश है और अपने नागरिकों के हितों के लिए काम करता है। ब्लैक सी के पास स्थित सोची शहर में एक संबोधन के दौरान पुतिन ने कहा- पश्चिमी देश हर उस देश के लिए एक दुश्मन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं जो उनके एकाधिकार से सहमत नहीं है, लेकिन भारत सरकार अपने देश के हित में स्वतंत्र रूप से काम कर रही है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन का ये बयान ऐसे समय आया है जब रूस से कम दाम में तेल खरीदे जाने पर भारतीय ऑयल कंपनियों की निंदा हो रही है।

दरअसल, रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद से पश्चिमी देशों और यूरोपियन यूनियन ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया था। मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा भारत पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा- भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत की आबादी 150 करोड़ है। यहां आर्थिक वृद्धि 7 प्रतिशत है। देश काफी ताकतवर हो रहा है। भारतीय लोग भी दुनिया के हर कोने में बेहतरीन काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री मोदी बहुत ही बुद्धिमान व्यक्ति हैं। हमारे उनसे बहुत अच्छे राजनीतिक रिश्ते हैं। वित्तीय सुरक्षा पर एक ओलंपियाड को संबोधित करते हुए पुतिन ने उम्मीद जताई है कि रूस और भारत वित्तीय सुरक्षा और साइबर अपराध के क्षेत्र में साथ मिलकर काम करेंगे। भारत और रूस सदियों से दोस्त और साझेदार रहे हैं। दोनों देशों ने जो एजेंडा सेट किया है, हम उसे जरूरी हासिल करेंगे। 

पुतिन ने कहा था- मोदी मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए अच्छा काम कर रहे ये पहला मौका नहीं है जब पुतिन ने भारत या प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की है। इससे पहले पिछले महीने भी उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए अच्छा काम कर रहे हैं। व्लादिवोस्तोक में 8वें ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम में मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए रूसी राष्ट्रपति ने कहा था- पहले हमारे पास अपने देश में बनी कारें नहीं थीं, लेकिन अब हैं। यह सच है कि वे ऑडी और मर्सिडीज की तुलना में कम अच्छी दिखती हैं, लेकिन ये कोई समस्या नहीं है। हमें रूस में बनी गाडिय़ां इस्तेमाल करनी चाहिए। हमें अपने सहयोगी देश भारत को फॉलो करना चाहिए। वे देश में ही गाडिय़ां बना रहे हैं और उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। हमें यह तय करना चाहिए कि किस वर्ग के अधिकारी कौन सी कारें चला सकते हैं, इससे वे घरेलू कारों का इस्तेमाल करेंगे। इससे पहले जून में पुतिन ने कहा था- भारत एक ऐसा देश है, जो कंपनियों को अपने देश में आकर काम करने के लिए बढ़ावा दे रहा है। मॉस्को हमारा चौथा बड़ा आपूर्तिकर्ता भारत ने अप्रैल 2022 में रूसी तेल आयात को बढ़ाकर लगभग 2 लाख 77 हजार बैरल प्रति दिन कर दिया था, जो मार्च में 66 हजार बैरल प्रति दिन था। वहीं, जुलाई 2023 में भारत 2.1 मिलियन बैरल तेल हर रोज रूस से खरीदा। इस साल 9 महीनों में भारत ने तेल आयात करने में सऊदी अरब और इराक से ज्यादा रूस से तेल खरीदा है। इसकी वजह से भारत को प्रति बैरल 2 डॉलर तक की बचत हुई है।  

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