मंडला में फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच दी चर्च ट्रस्ट की जमीन: ईओडब्ल्यू ने आठ लोगों पर दर्ज की एफआईआर…
भूमि बेचने वाले आरोपी मंडला के मूल निवासी, कोहेफिजा भोपाल में भी निवास;
भोपाल, विशेष संवाददाता। मंडला में चर्च ट्रस्ट की जमीन के फर्जीवाड़े को लेकर पुलिस के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने विक्रेताओं एवं खरीदारों सहित 8 लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी की धारा 420 एवं आपराधिक साजिश की धारा 120बी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
आरोप है कि इन लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर पहले जमीन को निजी दिखाया, इसके बाद नियम विरुद्ध एवं चैरिटी कमिशनर की अनुमति लिए बिना उसे फर्जी तरीके से निजी व्यक्ति को बेच दिया।
मंडला में नागपुर डायोसिस ट्रस्ट एसोसिएशन की इस जमीन को धोखाधड़ी से बेचे जाने की शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर में की गई थी। जांच में सामने आया कि ट्रस्ट एसोसिएशन की मंडला में स्थित 5418 वर्गफीट भूमि, जिसका नजूल सीट नंबर 19सी, प्लॉट नंबर 57 और 57/1 है, चर्च मिशन सोसायटी के नाम वर्ष 1954-55 में दर्ज थी।
इस जमीन को चर्च ट्रस्ट के प्रबंधन के तहत धार्मिक उद्देश्यों के लिए आरक्षित किया गया था। इसका उपयोग केवल चर्च और उससे जुड़े धार्मिक कार्यों के लिए किया जा सकता था। लेकिन 30 अगस्त 1989 से 29 नवम्बर 2022 के बीच चर्च ट्रस्ट के वर्तमान पदाधिकारी बिशप फ्रैंकलिन जोनाथन द्वारा अधिकृत किए गए एफ.सी.जोनाथन ने इस जमीन से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर कर इसे निजी व्यक्तियों को बेच दिया।
नागपुर डायोसिस ट्रस्ट एसोसिएशन, महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट एक्ट के अंतर्गत पंजीबद्ध है। इस ट्रस्ट के नियमों की धारा-36 में उल्लेख है कि ट्रस्ट की संपत्ति को बिना चैरिटी कमिश्नर की अनुमति के बेचा नहीं जा सकता था। इसके बाद 2003 और 2011 में भी इस जमीन के कई टुकड़े अलग-अलग लोगों को बेचे गए।
भूमि का मूल मालिकाना हक छुपाने की कोशिश की गई। इसी हेरफेर के कारण असली दस्तावेजों को नष्ट कर दिया गया और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नए खरीदारों के नाम पर रजिस्ट्री कराई गई।
ट्रस्ट ने नहीं दी थी बचने की अनुमति
नागपुर डायोसिस ट्रस्ट एसोसिएशन (एनडीटीए) की वर्तमान सचिव श्रीमती मंजुशा स्टीफनशन ने पत्र के माध्यम से जानकारी दी कि ट्रस्ट एसोसिएशन के कार्यालय में उपलब्ध दस्तावेजों में मंडला स्थित एनडीटीए की उपरोक्त भूमि को विक्रय किए जाने के संबंध में कोई भी रेज्यूलशन/निर्णय प्राप्त नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि यूनाईटेड क्रिश्चियन मिशनरी सोसायटी के द्वारा एफसी जोनाथन को सोसायटी की उप्र, मप्र एवं उड़ीसा में स्थित अचल संपत्तियों को विक्रय करने की पावर ऑफ अटार्नी दी गई थी। परंतु मंडला स्थित उक्त भूमि को विक्रय करने का कोई निर्णय सोसायटी द्वारा नहीं किया गया था। जमीन को बेचने वाले फ्रैंकलिन सी. जोनाथन पिता कार्नलियस योहान जोनाथन निवासी-1033, नेपियर टाउन जबलपुर की 19 सितम्बर 1993 को मृत्यु हो चुकी है।
इन आठ आरोपियों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
मप्र आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने इस मामले में जिन लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी और कूटरचित षड्यंत्र रचने की धाराओं में अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है, उनमें नाहिद जहां पत्नी जमील अहमद गौरी, इफ्फत पति रईस अहमद गौरी, रुबीना पत्नी अनीस अहमद गौरी, अतीक पिता जमील अहमद गौरी, इकबाल पिता जे.ए.गौरी, रईस पिता जलील अहमद गौरी, निवासी मंडला, हाल निवासी बीडीए कॉलोनी, कोहेफिजा, भोपाल और दीपक कुमार पिता पदम कुमार जैन और जितेन्द्र साहू निवासी मंडला शामिल हैं।