मोबाइल गेमिंग और शहरों से हिंदू पलायन बड़ी चुनौती: संघ के सामाजिक अध्ययन में सामने आईं 103 चुनौतियां...

भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सामाजिक अध्ययन में युवाओं में मोबाइल गेमिंग की लत के दुष्प्रभावों को पहली बार चुनौती के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा कुछ विशेष जगहों से हिंदू परिवारों का पलायन भी चिंता का विषय माना है।
इन मुख्य चुनौतियों सहित नशा मुक्ति, सरकारी विद्यालयों में उपस्थिति की कमी, गो-संरक्षण, नर्मदा संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग, धार्मिक जागरूकता का अभाव और संस्कार शिक्षा की कमी जैसी 103 ऐसी समस्याएं सामने आई हैं, जिनसे छुटकारा दिलाने के लिए समाज जागरण आवश्यक है। संघ इन समस्याओं को दूर करने के लिए कुटुंब प्रबोधन, युवा संवाद, जन संपर्क जैसे पांच बिंदुओं पर कार्य करेगा।
हाल ही में बेंगलुरु में हुई संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में संपूर्ण देश के संघ कार्य का वृत्त प्रस्तुत किया गया था। विदिशा विभाग की 56 व्यवसायी शाखाओं द्वारा किए गए गहन सामाजिक अध्ययन में मोबाइल गेमिंग, हिंदू परिवार पलायन जैसी गंभीर समस्याओं पर हुए अध्ययन को संघ की प्रतिनिधि सभा में प्रस्तुत किया गया।
इसको आधार बनाकर मंगलवार को प्रांत संघचालक अशोक पाण्डेय ने मध्य भारत प्रांत में हुए कार्यों की जानकारी दी। विश्व संवाद केन्द्र में हुई पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि मध्यभारत में संघ की 3384 शाखाएं 2129 स्थानों पर सक्रिय हैं, जो सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए कार्यरत हैं।
कुछ प्रमुख कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि विदिशा में हुए कार्य के अलावा राजगढ़ में सामाजिक समरसता, भोपाल में सेवा कार्य और हिंदू पलायन, ग्वालियर में सिंगल यूज प्लास्टिक और नशा मुक्ति तथा नर्मदापुरम में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
भोपाल में कोहेफिजा संवेदनशील
राजधानी भोपाल के कोहेफिजा क्षेत्र से हो रहे पलायन को लेकर किए गए एक सवाल के जवाब में प्रांत संघचालक ने कहा कि हमारा प्रयास सभी जगह समरसता के साथ कार्य को आगे बढ़ाना है। कुटुंब प्रबोधन के माध्यम से जागरूकता के कार्य होंगे। इसके साथ ही सभी सामाजिक प्रमुखों के साथ राष्ट्र निर्माण, सेवा गतिविधियां और पंच परिवर्तन पर केन्द्रित कार्यक्रम होंगे।
संघ शताब्दी वर्ष के संकल्प
प्रांत संघचालक ने कहा कि संघ ने 2025 में अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 'विश्व शांति और समृद्धि के लिए समरस और संगठित हिंदू समाज के निर्माण’ का संकल्प लिया है। इसके तहत समरसता युक्त आचरण, पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली, पारिवारिक मूल्यों का संरक्षण, और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया जाएगा।
इन बिंदुओं पर होगा कार्य
- विजयदशमी-2025 उत्सव पर पूरे देश में गणवेश के साथ नगर संचलन होंगे।
- हर गांव और बस्ती के प्रत्येक घर तक व्यापक गृह संपर्क अभियान किया जाएगा।
- सभी मंडल और बस्तियों में हिंदू सम्मेलन सम्मेलन होंगे। सम्मेलनों में पंच परिवर्तन और सामाजिक एकता की बात होगी।
- खंड और नगर स्तर पर सामाजिक समरसता बैठकें होंगीं। इनमें सांस्कृतिक पहचान बनाए रखकर आधुनिक जीवन शैली अपनाने पर चर्चा होगी।
- युवा संवाद के माध्यम से 15 से 30 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए राष्ट्र निर्माण और सेवा गतिविधियों से जुड़े कार्यक्रम होंगे।