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ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के बाद अब संगठन चुनाव पर फोकस: 10 मार्च से पहले होगा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का निर्वाचन…
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भोपाल, विशेष संवाददाता। दिल्ली विधानसभा चुनाव और भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के कारण अटके भारतीय जनता पार्टी के संगठन चुनाव की प्रक्रिया अब फिर से शुरू होगी। बूथ, मंडल और जिलाध्यक्षों के चुनाव के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू होगी। माना जा रहा है कि मार्च के पहले सप्ताह में अर्थात 10 मार्च से पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में सभी 62 भाजपा जिलाध्यक्षों के निर्वाचन की प्रक्रिया इंदौर शहर में सुमित मिश्रा और इंदौर ग्रामीण में श्रवण सिंह चावड़ा के निर्वाचन के साथ 30 जनवरी को पूरी हो चुकी है। जिलाध्यक्षों के निर्वाचन के बाद माना जा रहा थ कि 15 फरवरी तक प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन भी हो जाएंगे, लेकिन राजधानी भोपाल में सम्पन्न हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के चलते यह प्रक्रिया एक बार फिर टल गई थी। लेकिन अब प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया एक बार फिर से गति पकड़ेगी।
पड़ोसी दो राज्यों में निर्वाचित हुए प्रदेश अध्यक्ष
मप्र के पड़ोसी दोनों राज्यों राजस्थान और छत्तीसगढ़ में प्रदेश अध्यक्ष का निर्वाचन हो चुका है। राजस्थान में मदन राठौड़ और छत्तीसगढ़ में किरण देव सिंह को एक बार फिर से इस पद पर अवसर मिला है। संगठन चुनाव वाले प्रमुख राज्यों में अभी महाराष्ट्र में पार्टी ने रवीन्द्र चव्हाण को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है तो वहीं जम्मू-कश्मीर में यश शर्मा निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुने जा चुके हैं।
हालांकि अभी मप्र के पड़ोसी दोनों राज्यों उत्तर प्रदेश, गुजरात के अलावा पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्यों में भी प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन नहीं हो सके हैं। राज्यों में अध्यक्ष के निर्वाचन के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का निर्वाचन होना है।
दावेदार अनेक, केन्द्र करेगा फैसला
मध्यप्रदेश में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद के कई दावेदार हैं। इन दावेदारों के नामों पर संगठन के चुनाव अधिकारियों के अलावा केन्द्रीय नेतृत्व विचार कर रहा है। अब देखना है कि संगठन वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष को फिर से अवसर देता है अथवा उनका दायित्व परिवर्तन कर मध्यप्रदेश में किसी और को यह जिम्मेदारी सौंपता है।