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शिवराज सरकार ने कोरोना वैक्सीन में मिलावट रोकने के लिए बदला कानून
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भोपाल। प्रदेश सरकार को इंटरपोल से खबर मिली है की कोरोना वैक्सीन की सप्लाई में फर्जीवाड़ा हो सकता है। कोरोना वैक्सीन में मिलावट की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कैबिनेट की बैठक में खाद्य सुरक्षा कानून में संशोधन करने निर्णय लिया गया है, जिसके तहत दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी। अभी तक इस कानून के तहत अधिकतम 3 साल की सजा होती थी।
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट में हुए निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को इंटरपोल से जानकारी मिली है कि कोरोना वैक्सीन में फर्जीवाड़ा हो सकता है। डब्लूएचओ ने अपना इनपुट सभी सरकारों के माध्यम से भिजवाया था। उन्होंने कहा कि मप्र सरकार आम नागरिक की जान के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। इसके लिए खाद्य सुरक्षा कानून में संशोधन कर सजा को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। सरकार लोगों की जान के साथ खेलने वालों को सख्त सजा देगी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने #COVID19 की वैक्सीन में मिलावट की आशंका जाहिर की है। प्रदेश में कोई लोगों की जान से खिलवाड़ न कर सके इसलिए मिलावटखोरी पर अब 3 वर्ष की सजा के प्रावधान को आजीवन कारावास में बदलने का फैसला किया है।@BJP4India @drharshvardhan @BJP4MP pic.twitter.com/4Hy5L5E7rq
— Dr Narottam Mishra (@drnarottammisra) December 22, 2020
उन्होंने कहा कि एक्सपायरी डेट की दवा बेचने पर सजा को बढ़ाने का प्रस्ताव भी विधि विभाग की तरफ से दिया गया था, जिसे कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। इसके तहत मिलावट चाहे दूध में हो, अन्य खाद्य सामग्री या फिर एक्सपायरी डेट की दवाओं की बिक्री, सभी में सजा 3 साल से बढ़ा कर 5 साल किया गया है।