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हाईकोर्ट ने जताई नगरीय प्रशासन विभाग में श्रमिकों के नियमितिकरण में धांधली की आशंका
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भोपाल/वेब डेस्क। मप्र हाईकोर्ट ने नगरीय प्रशासन विभाग में दैनिक वेतन भोगियों की नियमितीकरण की प्रक्रिया में धांधली की आशंका जताई है। हाईकोर्ट में 8 मई को जस्टिस विवेक अग्रवाल की खंडपीठ सागर जिले की बीना नगर पालिका में 5 साल पहले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को अकुशल बताकर की गई नियमितिकरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। साथ ही अगली सुनवाई 23 जून को आयुक्त नगरीय प्रशासन को मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है।
हाईकोर्ट में अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर के अनुसार बीना नगर पालिका ने 24 अगस्त 2017 को पदक्रम सूची जारी कर दैनिक वेतन भोगियों को कुशल की जगह अकुशल श्रमिक बताया। इसके विरोध में श्रम न्यायालय सागर में 2018 में याचिकाएं दायर की गई। जिन्हें श्रम न्यायालय सागर ने यह कहकर खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ताओं के पास कुशल श्रमिक को अकुशल बताने के पर्याप्त साक्ष्य नहीं थे। तब श्रम न्यायालय एवं बीना नगर पालिका के आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ता मुन्ना लाल अहिरवार, महेश कुमार यादव तथा प्रदीप सिंह लोधी ने हाईकोर्ट में अपील की। याचिका में हाईकोर्ट ने 2 जनवरी 2023 को प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन, कलेक्टर सागर, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग सागर तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी बीना से जवाब-तलब किया गया। 2 मार्च 2023 को नगर पालिका की ओर से दाखिल किए गए जवाब से हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं था। जिस पर हाईकोर्ट ने बीना नगर पालिका से शपथ पत्र मांगा। 8 मई को सुनवाई के दौरान जस्टिस विवेक अग्रवाल की खंडपीठ ने प्रथम दृष्टया यह माना कि याचिकाकर्ताओं को मनमाने ढंग से कुशल श्रमिक से अकुशल में परिवर्तित किया गया है। इससे यह प्रतीत होता है की उक्त नियमितीकरण की प्रक्रिया में व्यापक पैमाने पर धांधली हुई है। न्यायालय ने कमिश्नर/सयुंक्त संचालक नगरीय प्रशासन 23 जून की सुनवाई में मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने की।