मूक-बधिरों के लिये सामाजिक न्याय विभाग की पहल, सांकेतिक भाषा में भी देख सकेंगे “मन की बात” कार्यक्रम

नईदिल्ली। सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री, कुमारी प्रतिमा भौमिक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम अब सांकेतिक भाषा में उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार दिव्यांग युवाओं के रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि विभाग मूक बधिर छात्रों को सांकेतिक भाषा से लैस टैबलेट प्रदान करने की योजना बना रहा है ताकि वे सांकेतिक भाषा में शैक्षिक वीडियो प्राप्त कर सकें।
शनिवार को भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र (आईएसएलआरटीसी) द्वारा आयोजित सांकेतिक भाषा दिवस समारोह में केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान ये जानकारी दी।कार्यक्रम का विषय था “एक ऐसी दुनिया” । ये उस दुनिया की कल्पना थी जहां मूक - बधिर लोग कहीं भी सांकेतिक भाषा में बात कर सकते हैं।
इस मौके पर दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि आने वाले दो साल में श्रवणबाधित दिव्यांग लोगों के लिए 20,000 हजार शब्दाकोष तैयार कर लिया जाएगा। इन बच्चों के लिए दसवीं कक्षा से वोकेशनल कोर्स शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र एक ऐसा मंच विकसित करने की पहल करेगा जहां श्रवणबाधित के साथ आसानी से संवाद किया सके । इसके साथ उन्होंने कहा की आईएसएलआरटीसी कक्षा VII और उसके बाद के लिए एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों के अनुवाद पर भी काम करेगा।