MS Dhoni: बैटिंग पोजिशन पर सवाल! क्यों नहीं आ रहे धोनी बल्लेबाजी में ऊपर? हेड कोच ने बताई असली वजह...

बैटिंग पोजिशन पर सवाल! क्यों नहीं आ रहे धोनी बल्लेबाजी में ऊपर? हेड कोच ने बताई असली वजह...
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Question on Dhoni's batting position: चेन्नई सुपरकिंग्स के हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने धोनी की फिटनेस को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। फ्लेमिंग ने बताया कि एमएस धोनी अपने घुटने की पुरानी चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं, जिसके चलते वह 10 ओवर से ज्यादा बल्लेबाजी नहीं कर सकते। लगातार दो मैच हारने के बाद फ्लेमिंग का यह बयान फैंस के लिए चिंता का विषय बन गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि धोनी के घुटने पहले जैसे नहीं रहे और अब वह पूरी ताकत के साथ 10 ओवर तक बल्लेबाजी नहीं कर पाते। सवाल यह उठता है कि जब धोनी फिट नहीं हैं, तो चेन्नई सुपरकिंग्स उन्हें लगातार मौका क्यों दे रही है? क्या यह उनकी कप्तानी का अनुभव है या फिर टीम में उनकी मौजूदगी का मनोवैज्ञानिक असर? चेन्नई की हार और धोनी की फिटनेस को लेकर यह सवाल अब चर्चा का विषय बन चुका है।

धोनी का नेतृत्व और ब्रांड वैल्यू

भले ही कागजों पर चेन्नई सुपरकिंग्स की कप्तानी ऋतुराज गायकवाड़ के पास है, लेकिन असल में टीम की कमान आज भी एमएस धोनी के हाथों में ही है। मैदान के अंदर हो या बाहर, हर बड़ा फैसला धोनी की सलाह से ही लिया जाता है। उनकी गहरी सोच, अनुभव और रणनीतिक कौशल ही टीम की ताकत हैं। यही कारण है कि धोनी का मैदान पर होना चेन्नई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

इसके अलावा धोनी चेन्नई सुपरकिंग्स की ब्रांड वैल्यू का भी सबसे बड़ा कारण हैं। उनका नाम ही फैंस को स्टेडियम तक खींच लाता है। धोनी की लोकप्रियता और करिश्माई व्यक्तित्व से टीम को बड़ा आर्थिक फायदा होता है। चाहे विज्ञापन हों या टिकट की बिक्री, धोनी की मौजूदगी का असर हर जगह दिखता है।

यही वजह है कि लगभग 44 साल की उम्र में भी धोनी को चेन्नई सुपरकिंग्स मैदान पर उतारती है। उनके बिना टीम की ब्रांडिंग और कमाई दोनों पर गहरा असर पड़ सकता है।

सोशल मीडिया की दुनिया में भी धोनी का दबदबा

एमएस धोनी भले ही खुद सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव न रहते हों, लेकिन उनकी लोकप्रियता का असर हर प्लेटफॉर्म पर दिखाई देता है। चेन्नई सुपरकिंग्स जब भी धोनी का कोई वीडियो या फोटो इंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करती है, तो वह तुरंत वायरल हो जाता है। धोनी की वजह से ही चेन्नई सुपरकिंग्स ने सोशल मीडिया की पिच पर भी जबरदस्त सफलता हासिल की है।

धोनी का नाम और चेहरा ब्रांडिंग के लिए सोने की खान साबित होता है। उनकी लोकप्रियता ना सिर्फ मैदान पर बल्कि डिजिटल दुनिया में भी चेन्नई के लिए फायदेमंद साबित होती है। यही कारण है कि लगभग 44 साल की उम्र में भी टीम उन्हें बाहर करने का सोच भी नहीं सकती। लेकिन कहीं ना कहीं, धोनी पर ये निर्भरता टीम के भविष्य के लिए चिंता का विषय बन सकती है।

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