मप्रः शिवपुरी में एसपी के घर पहुंचे पंडित धीरेंद्र शास्त्री, बंगले पर उमड़ी भीड़

मप्रः शिवपुरी में एसपी के घर पहुंचे पंडित धीरेंद्र शास्त्री, बंगले पर उमड़ी भीड़
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शिवपुरी/वेब डेस्क। बागेश्वर धाम के महंत और प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शनिवार सुबह शिवपुरी में अचानक पुलिस अधीक्षक (एसपी) के बंगले पर पहुंच गए। उन्होंने कुछ समय एसपी के बंगले पर बिताया और फिर वे छतरपुर के लिए रवाना हो गए। लोगों की इसकी जानकारी मिली तो एसपी बंगले के पास इतनी भीड़ जमा हो गई कि उसे संभालने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

दरअसल, धीरेंद्र शास्त्री कुछ दिनों से गुजरात प्रवास पर थे। वहां से शनिवार को वे शिवपुरी के रास्ते छतरपुर लौट रहे थे। इसी दौरान वे शिवपुरी में पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया के बंगले पर पहुंच गए। कुछ समय बंगले पर बिताने के बाद छतरपुर के लिए रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि रघुवंश सिंह जब अशोकनगर में पुलिस अधीक्षक थे, तब पंडित धीरेन्द्र शास्त्री की वहां कथा हुई थी। तभी से धीरेन्द्र शास्त्री की उनसे पहचान हुई थी। अचानक धीरेंद्र शास्त्री के आने से एसपी रघुवंश सिंह भी आश्चर्यचकित रह गए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री के एसपी बंगले पर पहुंचने की खबर मिलते ही शिवपुरी के सैकड़ों लोग एसपी बंगले पर जमा हो गए। जैसे ही धीरेंद्र शास्त्री बंगले से बाहर निकले तो उनसे मिलने के लिए उनके पास पहुंच गए। कोई उनके साथ सेल्फी लेना चाहता था तो कोई चरण छूना चाहता था। धीरेंद्र शास्त्री अपनी कार से उतरे और लोगों से मिले, फिर कार में सवार होकर वहां से रवाना हो गए।

नलखेड़ा के बगलामुखी मंदिर में किया हवन-पूजन

इससे पहले गुजरात से लौटते वक्त शुक्रवार- शनिवार की दरमियानी देर रात पंडित धीरेन्द्र शास्त्री आगरमालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर पहुंचे। उन्होंने वहां काफी देर रुककर मां बगलामुखी के दर्शन किए और फिर मंदिर प्रांगण में ही हवन भी किया। बताया जा रहा है कि पुलिस और प्रशासन को उनके आगमन की सूचना पहले से थी, जिसके चलते मां बगलामुखी मंदिर परिसर में सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। पंडित शास्त्री के कार से उतरने के बाद पुलिसकर्मी उन्हें कड़ी सुरक्षा में मंदिर परिसर ले गए। इस दौरान उनसे मिलने के लिए मंदिर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। पंडित धीरेन्द्र शास्त्री देर रात करीब ढाई बजे मां बगलामुखी मंदिर पहुंचे थे। ऐसे में मंदिर का गर्भगृह बंद था, जिसके चलते उन्होंने मंदिर की चौखट से ही दरवाजे की जाली में से मां बगलामुखी के दर्शन किए। पंडितों ने मंत्रोच्चार किया और मां बगलामुखी मंदिर के बारे में पंडित धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री को जानकारी दी।

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