MP News: पन्ना के 60 सरपंचों के भाजपा छोड़ने का मामला, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार बोले - सरकार के दावों की खुल गई पोल

पन्ना के 60 सरपंचों के भाजपा छोड़ने का मामला, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार बोले - सरकार के दावों की खुल गई पोल
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मध्यप्रदेश। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के क्षेत्र पन्ना में 60 सरपंचों के BJP से इस्तीफा देने का मामला अब बढ़ता जा रहा है। 60 सरपंचों ने मनरेगा में कम मजदूरी का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दिया था। इस मामले पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि, 60 सरपंचों के इस्तीफे ने सरकार के दावों की पोल खोल दी।

उमंग सिंघार ने कहा - 'प्रदेश के मजदूर वर्ग को काम देने के सरकार के दावों की पोल खुली BJP के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के संसदीय क्षेत्र के पन्ना जिले के 60 सरपंचों ने मनरेगा में कम मजदूरी का आरोप लगाते हुए BJP से इस्तीफा दे दिया। पन्ना सरपंच संघ ने अपने इस्तीफे में इसके अलावा भी जो आरोप लगाए, वे काफी गंभीर हैं।'

'उन्होंने साफ कहा कि मनरेगा में मजदूरी बहुत कम है और वह भी समय पर नहीं मिलती, इसलिए मजदूर वर्ग पलायन को मजबूर हो रहा। ये सिर्फ बानगी है कि सरकार की नीतियों से गरीब मजदूर कितने परेशान हैं और इसलिए शहरों में काम की तलाश करने को मजबूर हो रहे। Congress ने अपनी योजना मनरेगा के जरिए ग्रामीण इलाक़ों में मजदूरों को काम देकर उनका पलायन रोका था। BJP इसे फेल करने पर तुली है। CM साहेब झूठे दावे करने से अच्छा हो कि जमीन की हकीकत को भांप लें।'

60 सरपंचों का भाजपा से इस्तीफा :

सरपंच संघ जिला पन्ना के समस्त सरपंचों ने पार्टी की सदायता से इस्तीफा देते हुए कहा -

'ग्राम पंचायतो के निर्माण कार्यों में जनता के चुने हुए प्रतिनिधि पर अविश्वास करना एवं ग्राम पंचायत को लगातार मनरेगा जैसी योजनाओ में खत्म करने का प्रयास करना ग्राम पंचायतो का विकास अवरुद्ध करने की मंशा दर्शाता है, मनरेगा में मजदूरी भुगतान हेतु पूर्व में नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम अंतर्गत श्रमिकों की फोटो अपलोड करवाई गयी उसके बाद श्रमिकों का हेड काउंट करवाया गया अब आई ब्लिंक के आधार पर मजदूरी भुगतान होना है जो की ग्रामीण श्रमिकों को लगातार परेशान और पलायन करने का प्रयास वर्तमान सरकार द्वारा किया जा रहा है।'

'ग्रामीण क्षेत्रो मे सप्ताहिक मजदूर को मजदूरी चाहिए लेकिन विभिन्न मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से सरकार की मंशा है की मजदूर गांवों को बजाय शहरों की ओर पलायन करे, ग्रामीण क्षेत्रो में मोबाइल नेटवर्क की समस्या होने के कारण भी यह समस्या लगतार बनी हुई है, पूर्व में भी राष्ट्रीय सरपंच संघ के मध्याम् से यह बात हमने प्रदेश स्तर पर रखी थी किन्तु सरकार द्वारा कोई सुनवाई नहीं की गयी है।'

'ग्रामीण क्षेत्रों में शत प्रतिशत आधार आज भी नहीं बने। ऐसे में समग्र केवायसी करने में भी समस्या आ रही है। सरकार अपने लोगो के आधार बनाने के लिय ग्राम पंचायत स्तर पर व्यवस्था करनी चाहिए जिससे की समस्त ग्राम वासियो का सर्वे कर उनके आधार बनाये जा सके, उसके उपरांत उनका केवायसी किया जा सके।'

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