Union Carbide Waste: सुप्रीम कोर्ट नहीं करेगा यूनियन कार्बाइड प्लांट में कचरे के निपटान से संबंधित मामले में हस्तक्षेप
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Supreme Court
Bhopal Gas Tragedy Union Carbide Waste : नई दिल्ली/मध्य प्रदेश। यूनियन कार्बाइड प्लांट में कचरे के निपटान से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला फैसला सुनाया है। अदालत ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि, वह यूनियन कार्बाइड प्लांट में कचरे के निपटान से संबंधित मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा, क्योंकि इस मामले की निगरानी पहले से ही मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय कर रहा है।
यूनियन कार्बाइड प्लांट में कचरे के निपटान से संबंधित मामले में हस्तक्षेप न करने की बात के बाद जस्टिस बीआर गवई और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने याचिका का निपटारा कर दिया। इस मामले में बीते दिनों मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्रायल रन की अनुमति दी थी।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने यूनियन कार्बाइड के कचरे को तीन चरणों में निपटान के लिए पीथमपुर में 'ट्रायल रन' की अनुमति दी थी। ट्रायल रन 27 फरवरी, यानी आज से शुरू होगा। मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता ने यह जानकारी साझा की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि 27 फरवरी को पहले चरण में 10 मीट्रिक टन कचरा जलाया जाए। इसके बाद इसी मात्रा के दो चरण में कचरा जलाया जाएं।
हाई कोर्ट ने आगे कहा था कि, इस प्रक्रिया में प्रदूषण नियंत्रण मंडल सहित अन्य की गाइडलाइन का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि, तीनों ट्रायल रन के आफ्टर इफेक्ट की रिपोर्ट 27 मार्च को कोर्ट में पेश की जाए। इसके आधार पर आगामी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने दलील देते हुए कहा था कि हाई कोर्ट पूर्व आदेशाें में यूनियन कार्बाइड कचरा विनिष्टीकरण को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। इसके बावजूद राज्य शासन पालन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की दिशा में अपेक्षाकृत गंभीर नजर नहीं आ रही है।