"आदिवासियों का जज्बा जाग गया, इसी की जरूरत थी": मऊगंज हिंसा पर पूर्व MP बुद्धसेन पटेल का बयान

मऊगंज हिंसा पर पूर्व MP बुद्धसेन पटेल का बयान
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मऊगंज हिंसा पर पूर्व MP बुद्धसेन पटेल का बयान

Buddhsen Patel on Mauganj Violence : मध्यप्रदेश। मऊगंज हिंसा पर पूर्व सांसद बुद्धसेन पटेल का विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने मऊगंज हिंसा को सही बताते हुए कहा कि, "आदिवासियों का जज्बा जाग गया, इसी की जरूरत थी।"

रीवा के पूर्व बीएसपी सांसद ने कहा - "रीवा में बहुत बड़ा कांड हो गया। 75 साल के बाद चेतना आई है, कांड नहीं हुआ। अशोक कॉल जो आदिवासी समाज के थे। उन्हें रास्ते में मार दिया गया। उन्हें मौत के घात उतार दिया। जब पता चला कि, अमुक व्यक्ति ने हमारे अशोक कोल को मार दिया...अशोक कोल को मारने वाले धमकी भी दे रहे थे कि, अभी तो हमने अशोक को मारा है। अभी पता नहीं कितनों को मारूंगा। इसके बाद आदिवासी समाज का जजबा जाग गया। उन्होंने अपनी के टीम बनाई और जिस आदमी ने मारा था उसके घर में जाकर उसे काट दिया।

"अब वहां प्रशासन तो भाजपा का था। तमाम बड़े लोग वहां है। उन्हें मजा आया। अशोक कोल के लोगों ने इन्हें मार दिया। फिर पुलिस इन लोगों (आदिवासी समाज) को मरने पहुंची। इसके बाद आदिवासियों ने पुलिस पर हमला कर दिया और एक ब्राह्मण मारा गया। इस तरह इस घटना में के कोल और दो ब्राह्मण मारे गए।"

"उस कोल को धन्यवाद जिसने अपने पिता के बदले के लिए इस घटना को अंजाम दिया है। इसी की जरूरत है। कब तक बैठे रहोगे और अपनी मां - बहनों की इज्जत लुटते रहने दोगे।"

बुद्धसेन पटेल सीधे-सीधे मऊगंज में घटनाक्रम को ब्राह्मणों की हत्या बताकर जस्टिफाई कर रहे थे। मऊगंज में हुई हत्या और पुलिस पर हुए हमले के लिए उन्होंने कहा कि, "इसी की जरूरत है।" उन्होंने मऊगंज में शहीद हुए ASI को पुलिस का ब्राह्मण भी बताया। इस मामले में पुलिस ने अब तक कोई एक्शन नहीं लिया है। हालांकि इस तरह के बयान के लिए पूर्व सांसद के खिलाफ एक्शन होना चाहिए।

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