'मुख्यमंत्री जनसेवा मित्र योजना' सरकार का बड़ा धोखा: शिवराज सिंह ने की थी शुरुआत, अब युवा भटकने को मजबूर

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान
Janseva Mitra Yojana : मध्यप्रदेश। 'मुख्यमंत्री जनसेवा मित्र योजना' बीते की दिनों से चर्चा में हैं। विधानसभा हो या सोशल मीडिया हर कहीं मोहन सरकार 'मुख्यमंत्री जनसेवा मित्र योजना' को लेकर घेरी जा रही है। सरकार की ओर से इस योजना को लेकर कोई जवाब नहीं आया है लेकिन कांग्रेस ने इसे बहस का विषय बना दिया है।
पहले जानिए क्या है मामला :
मध्य प्रदेश में "मुख्यमंत्री जनसेवा मित्र योजना" पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना और सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने में उनकी सहायता लेना था। इस योजना के तहत युवाओं को "जनसेवा मित्र" के रूप में नियुक्त किया गया था, जो गाँव-गाँव जाकर सरकारी योजनाओं (जैसे लाड़ली बहना, आयुष्मान कार्ड, वृद्धा पेंशन आदि) के लिए फॉर्म भरवाने और जागरूकता फैलाने का काम करते थे।
इन जनसेवा मित्रों को प्रति माह लगभग 8,000 रुपये की सैलरी दी जाती थी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो सके। इस योजना की शुरुआत 2023 में हुई थी और इसका लक्ष्य हर 50 परिवारों के लिए एक जनसेवा मित्र नियुक्त करना था, ताकि वे स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं का समाधान कर सकें और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।
माना जाता है कि यह योजना खास तौर पर 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले युवाओं को आकर्षित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की पहुंच बढ़ाने के लिए शुरू की गई थी। हालांकि, वर्तमान में मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने इस योजना को अघोषित रूप से बंद कर दिया है।
भाजपा सरकार की वापसी के बाद जनसेवा मित्रों के पदों को समाप्त कर दिया गया। बता दें कि, योजना के पहले चरण में, मध्य प्रदेश के 313 विकासखंडों में कुल 4,695 जनसेवा मित्रों की नियुक्ति की गई थी। यह जानकारी 2023 में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा शुरू किए गए "मुख्यमंत्री युवा इंटर्नशिप प्रोग्राम" के तहत सामने आई थी, जिसमें प्रत्येक विकासखंड में औसतन 15 जनसेवा मित्र नियुक्त किए गए थे।
जुलाई-अगस्त 2023 में दूसरे चरण की शुरुआत हुई, जिसमें अतिरिक्त 4,695 जनसेवा मित्रों को नियुक्त करने की योजना थी। इस तरह, दोनों चरणों को मिलाकर कुल 9,390 जनसेवा मित्र नियुक्त किए गए थे।
शिवराज सिंह चौहान ने 15 अगस्त 2023 को स्वतंत्रता दिवस के भाषण में घोषणा की थी कि भविष्य में हर 50 परिवारों पर एक जनसेवा मित्र तैनात किया जाएगा, जिससे राज्य में इनकी संख्या 3 लाख से अधिक हो सकती थी। हालांकि, यह केवल एक प्रस्तावित लक्ष्य था और इसे पूरी तरह लागू नहीं किया गया।
उमंग सिंघार ने कहा - 'मुख्यमंत्री जनसेवा मित्र योजना' भी सरकार का बड़ा धोखा। भाजपा सरकार ने अपनी योजनाओं को हर गांव और हर घर तक पहुंचाने के लिए पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री जनसेवा मित्र योजना शुरू की थी। सरकार की कोशिश थी कि 'जन सेवा मित्र' सरकारी विभागों में काम करके विकास योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाएं। जिन शिक्षित युवाओं को सेवा में रखा गया, उन्हें 8000 महीना दिए जाने की घोषणा की गई लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ और सरकार ने हाथ खड़े कर दिए।लेकिन, मुझे इन युवक़ों का दर्द पता है, और मैं इनका हक दिलाने के लिए सबकुछ करूंगा।'