Mann Ki Baat: PM मोदी की 'मन की बात' कार्यक्रम में छिंदवाड़ा की महुआ कुकीज का जिक्र, बताया कैसे महिलाओं ने आगे बढ़ाया बिजनेस

PM मोदी की मन की बात कार्यक्रम में छिंदवाड़ा की महुआ कुकीज का जिक्र, बताया कैसे महिलाओं ने आगे बढ़ाया बिजनेस
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PM मोदी की 'मन की बात' कार्यक्रम में छिंदवाड़ा की महुआ कुकीज का जिक्र

PM Modi Mann Ki Baat : मध्यप्रदेश। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में छिंदवाड़ा की महुआ कुकीज (Chhindwara Mahua cookies) का जिक्र किया है। महुआ कुकीज का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि, कैसे छिंदवाड़ा की महिलाओं ने महुआ कुकीज बनाकर अपने बिजनेस को आगे बढ़ाया।

पीएम मोदी ने कहा -

मेरे प्यारे देशवासियो, अब 'मन की बात' में एक दिलचस्प लेकिन अजीब सवाल! क्या आपने कभी फूलों के सफर के बारे में सोचा है? पेड़-पौधों पर खिलने वाले कुछ फूल मंदिरों तक जाते हैं। कुछ फूल घर की शोभा बढ़ाते हैं, कुछ इत्र में घुलकर हर जगह खुशबू फैलाते हैं लेकिन आज मैं आपको फूलों के एक और सफर के बारे में बताऊंगा।

आपने महुआ के फूल के बारे में तो सुना ही होगा। हमारे गाँवों के लोग और खासकर आदिवासी समुदाय इसके महत्व को बहुत अच्छे से जानते हैं। देश के कई हिस्सों में महुआ के फूलों का सफर अब एक नए रास्ते पर चल पड़ा है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में महुआ के फूलों से कुकीज बनाई जा रही हैं। राजाखोह गाँव की चार बहनों के प्रयासों से ये कुकीज बहुत लोकप्रिय हो रही हैं। इन महिलाओं के जज्बे को देखते हुए एक बड़ी कंपनी ने इन्हें एक फैक्ट्री में काम करने की ट्रेनिंग दी। इनसे प्रेरित होकर गाँव की कई महिलाएँ इनसे जुड़ गई हैं। इनके द्वारा बनाई गई महुआ की कुकीज की माँग तेजी से बढ़ रही है।

तेलंगाना के आदिलाबाद जिले में भी दो बहनों ने महुआ के फूलों से एक नया प्रयोग किया है। वे इनसे तरह-तरह के व्यंजन बनाते हैं, जो लोगों को खूब पसंद आते हैं। उनके व्यंजनों में आदिवासी संस्कृति की मिठास भी होती है।

दोस्तों, मैं आपको एक और अद्भुत फूल के बारे में बताना चाहता हूँ और इसका नाम है 'कृष्ण कमल'। क्या आपने गुजरात के एकता नगर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखी है? स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आस-पास आपको ये कृष्ण कमल बड़ी संख्या में दिखेंगे। ये फूल पर्यटकों को लुभाते हैं। एकता नगर के आरोग्य वन, एकता नर्सरी, विश्व वन और मियावाकी जंगल में ये कृष्ण कमल आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। यहाँ योजनाबद्ध तरीके से लाखों कृष्ण कमल के पौधे लगाए गए हैं। अगर आप अपने आस-पास नज़र डालेंगे, तो आपको फूलों की दिलचस्प यात्राएँ नज़र आएंगी। अपने क्षेत्र में फूलों की ऐसी अनोखी यात्राओं के बारे में मुझे ज़रूर लिखें।

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