प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में बन रहे हैं 9,71,000 आवास

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 12-Oct-2017

सरकारी धनराशि का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं, वॉट्सएप ग्रुप से मिलेगी योजनाओं की अद्यतन जानकारी

लखनऊ, ब्यूरो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए विगत छह माह में गंभीरता से प्रयास किए हंै जिससे इस वर्ष प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 9,71000 आवास बन रहे हैं। इस योजना के लगभग सभी लाभार्थियों को पहली किस्त जारी की जा चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के तहत निर्माणाधीन प्रत्येक आवास की लाभार्थीवार समीक्षा की जाए जिससे योजना के लिए जारी धनराशि का सही इस्तेमाल हो सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (पीएमएवाई), महात्मा गांधी रोजगार गारण्टी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन  तथा पेयजल योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर काफी हद तक बदली जा सकती है। राज्य सरकार इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वसनीय आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। स्वयं सहायता समूहों को आवश्यक तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग देकर इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही जरुरतमन्दों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री आज यहां योजना भवन में प्रदेश के मुख्य विकास अधिकारियों एवं संयुक्त विकास आयुक्तों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार समाप्त करने एवं पारदर्शिता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक की मदद से इस लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विकासखण्ड स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों का वॉट्सएप ग्रुप बनाकर विभिन्न योजनाओं की प्रगति की अद्यतन जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इस प्रकार की चेन शासन स्तर तक बनायी जा सकती है। उन्होंने सभी स्तर पर जवाबदेही तय करने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्मिक अनिवार्य रूप से अपने तैनाती स्थल पर निवास करें। खण्ड विकास अधिकारी कार्यालयों में बैठने के बजाए अधिक से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर चौपाल लगाएं और ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक भावना के विकास में मदद करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने गांव को विकास की धुरी बनाने का आह्वान किया है।

14वें वित्त आयोग ने भी ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए पर्याप्त धनराशि देने की व्यवस्था की है।  सरकार गांव के अन्तिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए कृतसंकल्पित है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। योगी ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने गोरखपुर में पानी की टंकी गिरने की घटना पर कहा कि गोरखपुर जैसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसी घटनाओं को भ्रष्टचार के साथ-साथ आपराधिक कृत्य मानते हुए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जानी चाहिए जिससे भविष्य में सरकारी धनराशि के दुरुपयोग एवं विकास कार्यों की गुणवत्ता से समझौता करने की प्रवृत्ति पर सख्ती से अंकुश लगाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद अब तक प्रदेश के जिन 1625 गांव में विकास की किरण नहीं पहुंची है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए। इन सभी 1625 गांवों में अगले एक वर्ष में कोई न कोई प्रमुख योजना अवश्य पहुंचायी जाए जिससे इन्हें भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। आह्वान किया है। 14वें वित्त आयोग ने भी ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए पर्याप्त धनराशि देने की व्यवस्था की है।  सरकार गांव के अन्तिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए कृतसंकल्पित है।