अगले महीने महंगे हो सकते हैं होम लोन

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 12-Feb-2018


मुम्बई।
मार्च या अधिक से अधिक अप्रैल से होम और कार लोन की ब्याज दरों में बढ़ौतरी शुरू हो सकती है। अपना माजन बचाने के लिए बैंक ब्याज दरें बढ़ाने का कदम जल्द उठा सकते हैं। पिछले कुछ महीनों में बांड यील्ड्स में 100 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ौतरी हुई है जिससे बैंकों के लिए डिपॉजिट सर्टीफिकेट जारी करना महंगा हो गया है।  यही नहीं, बाजार से उधार जुटाना महंगा होने के कारण ऊंची रेटिंग वाली कम्पनियां भी फंड जुटाने के लिए बैंकों के पास जा रही हैं जिससे बैंकों के लिए रेट बढ़ाने की गुंजाइश और ज्यादा हो गई है।

बुधवार को एच.डी.एफ.सी. बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट आॅफ  फंड्स बेस्ड लैंडिंग रेट यानी एम.सी.एल.आर. में 10 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ौतरी की थी। यह भी इस बात का संकेत है कि बैंक लैंडिंग रेट्स में बढ़ौतरी का रुझान है। एच.डी.एफ.सी. बैंक से पहले एक्सिस, कोटक महिंद्रा, इंडसइंड और यस बैंक ने  अपने एम.सी.एल.आर. रेट्स 5 से 10 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाए थे। स्टेट बैंक आॅफ  इंडिया के ग्रुप चीफ  इकोनॉमिक एडवाइजर सौम्यकांति घोष ने कहा कि इतने ऊंचे यील्ड्स ने सरकार की बॉरोइंग कॉस्ट बढ़ा दी है और इससे बैंकों के एम.सी.एल.आर. रेट्स पर बढ़ौतरी का दबाव बनेगा।

आर.बी.आई. के आंकड़ों से पता चलता है कि 5 जनवरी तक साल-दर-साल आधार पर बैंक लोन में 11.1 प्रतिशत की बढ़ौतरी हुई थी। उसी अवधि में डिपॉजिट ग्रोथ रेट 4.5 प्रतिशत रही।

एच.डी.एफ.सी. बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरैक्टर परेश सुक्थंकर ने पिछले महीने संकेत दिया था कि ब्याज दरों में बढ़ौतरी हो सकती है। उन्होंने कहा था कि खास तौर से लिक्विडिटी की स्थिति और इस तथ्य को देखते हुए कि सिस्टम लैवल पर भी पहली बार डिपॉजिट ग्रोथ के मुकाबले लोन ग्रोथ कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ रही है, मुझे लगता है कि या तो दरों में कुछ ठहराव दिखेगा या अगर लिक्विडिटी की स्थिति ऐसी ही रही तो डिपॉजिट और लैंडिंग दोनों के रेट्स में बढ़ौतरी का रुझान बन सकता है।