जेटली उप्र और प्रधान को मप्र से मिली राज्यसभा

स्रोत: न्यूज़ नेटवर्क      तारीख: 08-Mar-2018

गहलोत पर भी विश्वास बरकरार



नई दिल्ली/विशेष प्रतिनिधि। भाजपा की तरफ से केन्द्र सरकार के सभी आठ मंत्रियों को राज्यसभा की टिकट दे दी गई है। पार्टी की तरफ से इस बार मंत्रियों की राज्यसभा सीट का निर्धारण सियासी समीकरण को ध्यान में रखकर किया गया है। जिसमें सबसे अहम केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली को उप्र से भेजने का फैसला है। जेटली को उप्र से लाकर पार्टी राज्य का रूतबा बनाए रखना चाहती है। देश का प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और वित्त मंत्री भी अब देश के सबसे बड़े सूबे का होगा।

मप्र से धर्मेंद्र प्रधान को लाया जा रहा है। इस हिसाब से राज्य को एक और केन्द्रीय मंत्री मिल गया है। अनिल माधव दवे के निधन और फज्गन सिंह कुलस्ते को केन्द्रीय मंत्रिमंडल से हटाए जाने के बाद राज्य से मंत्रियों का कोटा कम हो गया था। जिसे प्रधान के जरिए भरने की कोशिश की गई है। इस तरह से देखा जाय तो मप्र के हिस्से में भी भारी भरकम मंत्रियों की संख्या बढ़ गई है। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद्र गहलोत को भी राज्यसभा में बनाए रखा गया है। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को इस बार मप्र से महाराष्ट्र ले जाया गया है। जावड़ेकर को महाराष्ट्र से राज्यसभा लाने के कुछ और समीकरण समझ आ रहे हैं। उन्हें महाराष्ट्र से लाने के पीछे कारण राज्य में मजबूत चेहरों की खेप तैयार करना लग रहा है। मप्र से अब किसकी लाटरी लगने वाली है, इस पर अभी संस्पेस है। परन्तु समझा ये जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व जल्द होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रख राज्यसभा उम्मीदवार का फैसला करेगी।

उप्र से जेटली को राज्यसभा में लाया जा रहा है। जेटली को उप्र से लाने का कारण साफ है कि प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष शाह देश के सबसे बड़े सूबे से सरकार में बड़ी हिस्सेदारी बनाकर रखना चाहते हैं। इसके पहले प्रधानमंत्री मोदी के अलावा केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और केन्द्रीय रक्षा मंत्रालय उप्र के कोटे में था, लेकिन मनोहर पर्रिकर के गोवा का मुख्यमंत्री बनने के बाद रक्षा मंत्रालय उप्र से चला गया था। अब वित्त मंत्री को लाकर शायद उसकी भरपाई की गई है। इसके अलावा केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को बिहार से भी लाया जा रहा है। केन्द्रीय राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रूपाला और मनसुख भाई मंडाविया को गुजरात से टिकट दी गई है। इन दोनों नेताओं की राज्यसभा बरकरार रखकर केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा गुजरात के पाटीदार समाज को सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की गई है। इसी तरह से केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को हिमाचल प्रदेश से फिर लाया जा रहा है। भाजपा महासचिव भूपेन्द्र यादव को राजस्थान से दोबारा लाया जा रहा है। देश के 16 राज्यों में 58 राज्यसभा सीटों के लिए 23 मार्च को होने वाले चुनाव के लिए भाजपा ने 8 राज्यों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है।