आजमगढ़ में पुलिस हिरासत में मौत पर एक्शन: तरवां थाना अध्यक्ष सहित तीन पुलिसकर्मी निलंबित, मजिस्ट्रियल जांच शुरू…

गांव की युवती से की थी छेड़खानी, पिता ने दर्ज कराया था मुकदमा, आरोपी को गिरफ्तार कर थाने ले गई थी पुलिस;

Update: 2025-03-31 15:57 GMT
तरवां थाना अध्यक्ष सहित तीन पुलिसकर्मी निलंबित, मजिस्ट्रियल जांच शुरू…
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आजमगढ़। छेड़छाड़ के आरोपी ने तरवां थाने के शौचालय में आत्महत्या कर ली। घटना रविवार रात की है। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। काफी संख्या में ग्रामीण भी थाने में पहुंच गए। थाने में तोड़फोड़ की। पुलिस की गाड़ियों पर पत्थर बरसाए। इससे उनके शीशे टूट गए। इसके बाद सड़क पर आकर हंगामा करने लगे।

स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए कई थानों की फोर्स बुला ली गई। वहीं इस मामले पर अब एक्शन भी लिया गया है। तरवां थाना अध्यक्ष सहित तीन पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, केस की मजिस्ट्रियल जांच भी शुरू हो गई है।

एसएसपी हेमराज मीणा ने बताया कि चूंकि घटना थाने के अंदर हुई है, इसलिए इस मामले में शुरुआती जांच में दोषी मानते हुए थानाध्यक्ष तरवा अखिलेश पटेल, सब इंस्पेक्टर भीम सिंह और एक सिपाही प्रमोद यादव को निलंबित कर दिया गया है।

घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। बता दें कि तरवां इलाके के एक गांव निवासी सनी कुमार (20) पर गांव के ही एक व्यक्ति ने बेटी के साथ छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया था।

इसके बाद थाना पुलिस ने 29 मार्च को ही सनी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस आरोपी को थाने लेकर गई थी। पुलिस के अनुसार रविवार की रात में सनी ने शौच जाने की बात कही। इसके बाद शौचालय में गया. काफी देर तक वह बाहर नहीं निकला। थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने आवाज दी तो कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद किसी तरह दरवाजा खोला गया तो अंदर उसकी लाश पड़ी थी। उसने आत्महत्या कर ली थी।

पुलिस ने रात में ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। सोमवार सुबह परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो वे थाने पहुंच गए। कुछ ही देर गांव के तमाम लोग भी पहुंच गए। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। थाने में तोड़फोड़ की।

पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। थाने में मौजूद पुलिस के वाहनों पर पत्थर बरसाए। इससे उनके शीशे टूट गए। इसके बाद ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए कई थानों से फोर्स बुला ली गई। परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही से ही सनी की जान गई। पुलिस ने नियमों के खिलाफ जाकर उसे थाने में ही बैठाए रखा। इसकी जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने परिजनों से की मुलाकात : पुलिस हिरासत में मौत के मामले में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव पोस्टमार्टम हाउस पर परिजनों से मिले और सांत्वना दी। इस दौरान सांसद धर्मेंद्र यादव ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि आज पूरे प्रदेश में दलित, पिछड़े और मुस्लिमों का रहना दूभर हो गया है। सांसद धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि मृतक युवक के परिजनों से बात किए हैं।

ये आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। दलित नौजवान को तीन दिन पहले घर से उठाया जाता है और उसे थाने पर रखकर प्रताड़ित किया जाता है। परिवार के लोगों ने बताया कि बैरक के अंदर भी हथकड़ी लगाकर रखा गया था।

खाने-पीने को भी नही देते थे। अचानक परिवार को तीसरे दिन सूचना मिलती है कि थाने में उसकी मौत हुई है। सांसद ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि प्रदेश में सबसे अधिक कस्टोरियल डेथ हो रही है और आज़मगढ़ में भी इस तरह की घटना देखने को मिली।

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