जयशंकर का कड़ा संदेश: दुर्भाग्य से हमारे पड़ोसी बुरे, आतंक से अपने लोगों को बचाने का हमें पूरा

जयशंकर का कड़ा संदेश: दुर्भाग्य से हमारे पड़ोसी बुरे, आतंक से अपने लोगों को बचाने का हमें पूरा हक

विदेश मंत्री एस जयशंकर बोले: आतंकवाद से लोगों को बचाना हमारा हक। IIT मद्रास में पड़ोसियों पर दिया कड़ा बयान।

By : City Desk
जयशंकर का कड़ा संदेश: दुर्भाग्य से हमारे पड़ोसी बुरे, आतंक से अपने लोगों को बचाने का हमें पूरा हक

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने एक बार फिर पड़ोसी देशों और आतंकवाद को लेकर दो टूक बात कही है. तमिलनाडु के IIT मद्रास में बोलते हुए उन्होंने कहा कि हर देश अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होता है और इस पर कोई बाहरी ताकत उसे नसीहत नहीं दे सकती ।

IIT मद्रास से दुनिया को संदेश

शुक्रवार को IIT मद्रास पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर ने संस्थान के वार्षिक कार्यक्रम शास्त्र 2026 का उद्घाटन किया, इसी मंच से उन्होंने भारत की विदेश नीति पड़ोसियों के साथ रिश्तों और आतंकवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। 

“दुर्भाग्य से हमारे पड़ोसी बुरे भी हो सकते हैं”

जयशंकर ने कहा पड़ोसी अच्छे भी हो सकते हैं और बुरे भी, दुर्भाग्य से हमारे कुछ पड़ोसी ऐसे हैं जो जानबूझकर लगातार और बिना किसी पछतावे के आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, उन्होंने साफ किया कि अगर कोई देश लंबे समय तक आतंकवाद को अपनी नीति बना ले, तो फिर अच्छे पड़ोसी होने की भावना अपने आप खत्म हो जाती है ।

आतंकवाद पर भारत का रुख बिल्कुल साफ

विदेश मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत को अपने लोगों को आतंकवाद से बचाने का पूरा अधिकार है, हम उस अधिकार का इस्तेमाल कैसे करेंगे यह हम तय करेंगे. कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए या क्या नहीं .उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय सुरक्षा और सीमा पार आतंकवाद को लेकर वैश्विक बहस तेज है।

पानी, समझौते और बिगड़ते रिश्ते

जयशंकर ने पुराने समझौतों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने वर्षों पहले पानी साझा करने जैसे मुद्दों पर सहमति दिखाई थी. लेकिन अगर दशकों तक आतंकवाद झेलना पड़े, तो भरोसा और अच्छे रिश्तों की भावना टिक नहीं पाती. यह बयान परोक्ष रूप से उन पड़ोसी देशों की ओर इशारा करता है  जिनके साथ भारत के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं ।

बांग्लादेश पर संतुलित बयान

बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर बोलते हुए जयशंकर का लहजा नरम रहा उन्होंने कहा अगर आपका पड़ोसी आपके लिए अच्छा है या कम से कम नुकसानदायक नहीं है तो कोई समस्या नहीं होती. जहां अच्छे पड़ोसी होने की भावना होती है वहां भारत निवेश करता है मदद करता है और साझेदारी निभाता है ।


संबंधित सामग्री

UN में भारत और इजरायल ने पाकिस्तान को दिया झटका, हथियार नियंत्रण प्रस्ताव के खिलाफ किया मतदान

UN में भारत और इजरायल ने पाकिस्तान को दिया झटका, हथियार नियंत्रण प्रस्ताव के खिलाफ किया मतदान

संयुक्त राष्ट्र में भारत और इजरायल ने पाकिस्तान-बेलारूस के हथियार नियंत्रण प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया। भारत ने कहा कि देशों की सुरक्षा चिंताएं क्षेत्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं हैं।

Nov 03, 2026
S Jayshankar Statement:'अमेरिका-चीन की होड़ में दुनिया को चुनना होगा बीच का रास्ता', विदेश मंत्री का बड़ा बयान

S Jayshankar Statement:'अमेरिका-चीन की होड़ में दुनिया को चुनना होगा बीच का रास्ता', विदेश मंत्री का बड़ा बयान

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका और चीन की बढ़ती होड़ के बीच देशों को संतुलित रास्ता चुनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर एक राय जरूरी नहीं है।

Oct 04, 2026
मध्य एशिया में भारत का डंका

मध्य एशिया में भारत का डंका

नरेंद्र मोदी की मध्य एशिया यात्रा और एससीओ शिखर सम्मेलन में भागीदारी से भारत ने द्विपक्षीय संबंधों और बहुपक्षीय मंचों पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की।

Sep 05, 2026
ईरान सुप्रीम लीडर खामेनेई के अंतिम संस्कार में क्यों नहीं जाएंगे PM मोदी, भारत भेजेगा प्रतिनिधिमंडल

ईरान सुप्रीम लीडर खामेनेई के अंतिम संस्कार में क्यों नहीं जाएंगे PM मोदी, भारत भेजेगा प्रतिनिधिमंडल

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के अंतिम संस्कार में पीएम मोदी शामिल नहीं होंगे। भारत की ओर से प्रतिनिधिमंडल भेजा जाएगा, जिसमें वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं। यह फैसला कूटनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा

Jun 29, 2026
 प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान, संसद में बोले- 256 साल पुराना है भारत का रिश्ता

प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान, संसद में बोले- 256 साल पुराना है भारत का रिश्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ''गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन'' मिला। संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने दोनों देशों के 256 साल पुराने रिश्तों का जिक्र किया और कई अहम समझौतों

Jun 28, 2026