डिब्रूगढ़। असम के डिब्रूगढ़ जिले का मोरन इलाके में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का विमान सीधे हाईवे पर उतरा। जी हां, कोई एयरपोर्ट नहीं, बल्कि नेशनल हाईवे पर बनी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर। चाबुआ एयरफील्ड से उड़ान भरने के बाद PM वायुसेना के C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान से मोरन बाइपास पहुंचे। विमान ने 4.4 किलोमीटर लंबे स्ट्रेच पर टचडाउन किया।

चाइना बॉर्डर से 300 किमी दूर रणनीतिक एयरस्ट्रिप
डिब्रूगढ़ के पास NH-127 के हिस्से पर बनी यह ELF सैन्य दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है। यह इलाका चीन सीमा से लगभग 300 किलोमीटर दूर है, ऐसे में आपात हालात में इसकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो सकती है।वायुसेना ने इसे नॉर्थ-ईस्ट में इमरजेंसी के दौरान मिलिट्री और सिविल दोनों तरह के एयरक्राफ्ट की लैंडिंग और टेक-ऑफ के लिए तैयार किया है। प्राकृतिक आपदा हो या युद्ध जैसी स्थिति , हाईवे ही रनवे बन जाएगा।
It is a matter of immense pride that the Northeast gets an Emergency Landing Facility. From a strategic point of view and during times of natural disasters, this facility is of great importance. pic.twitter.com/eGaJIcptrf
— Narendra Modi (@narendramodi) February 14, 2026
16 लड़ाकू विमानों का एयर शो
PM की मौजूदगी में इंडियन एयरफोर्स ने लगभग 30 मिनट का एरियल शो किया। Indian Air Force के सुखोई Su-30MKI और राफेल फाइटर जेट्स ने इसी हाईवे स्ट्रिप से उड़ान भरकर और लैंडिंग कर अपनी क्षमता दिखाई। राफेल की तेज रफ्तार और सुखोई की गूंज से पूरा इलाका थर्रा उठा। स्थानीय लोग दूर-दूर से यह नज़ारा देखने पहुंचे थे।

पूर्वोत्तर की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी
मोरन एयरस्ट्रिप को डुअल-यूज इंफ्रास्ट्रक्चर के कॉन्सेप्ट पर तैयार किया गया है। यानी रोजमर्रा में यह सड़क रहेगी, लेकिन जरूरत पड़ने पर एयरबेस बन जाएगी।करीब 40 टन तक के फाइटर जेट और 74 टन तक के मैक्सिमम टेक-ऑफ वेट वाले ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट यहां ऑपरेट कर सकते हैं। देश का पहला ELF 2021 में राजस्थान के बाड़मेर में शुरू हुआ था। अब अलग-अलग राज्यों में करीब 17 ऐसी परियोजनाएं या तो पूरी हो चुकी हैं या निर्माणाधीन हैं।
गुवाहाटी में 5,450 करोड़ के प्रोजेक्ट्स
मोरन कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री गुवाहाटी पहुंचे, जहां वे ₹5,450 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।इसमें ब्रह्मपुत्र नदी पर बना 6-लेन का कुमार भास्कर वर्मा सेतु भी शामिल है, जिसकी लागत करीब ₹3,030 करोड़ बताई गई है। पुल के शुरू होने से गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी के बीच यात्रा समय घटकर लगभग सात मिनट रह जाएगा।इसके अलावा कामरूप जिले के अमिंगांव में नेशनल डेटा सेंटर और पीएम-ई बस सेवा योजना के तहत 225 इलेक्ट्रिक बसों को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी।

चुनावी साल में तीसरा दौरा
असम में इसी साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। 2016 से राज्य में NDA की सरकार है, और पिछले तीन महीनों में PM मोदी का यह तीसरा असम दौरा है। राजनीतिक विश्लेषक इसे सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रम नहीं, बल्कि रणनीतिक और चुनावी दोनों नजरिए से अहम मान रहे हैं। मोरन हाईवे पर विमान की लैंडिंग और उसके बाद आसमान में राफेल-सुखोई की गरज… यह तस्वीर पूर्वोत्तर में बदलती रणनीतिक प्राथमिकताओं का संकेत भी थी और शायद आने वाले वक्त की तैयारी भी।