सावन का पहला सोमवार

सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में आस्था का सैलाब

सावन के पहले सोमवार को देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शिवभक्तों ने महाकालेश्वर, काशी विश्वनाथ समेत विभिन्न धामों में पूजा अर्चना की।

By : नरेंद्र कुमार
सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में आस्था का सैलाब

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सावन के पहले सोमवार पर पूरा देश भगवान शिव की भक्ति में सराबोर है। सुबह से ही महाकालेश्वर, काशी विश्वनाथ, बाबा बैद्यनाथ धाम समेत देशभर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी है। हर-हर महादेव के जयघोष से मंदिर परिसर और आसपास का माहौल भक्तिमय बना हुआ है।

उज्जैन में शाम 4 बजे निकलेगी बाबा महाकाल की पहली सवारी

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर से लेकर खजुराहो के मतंगेश्वर महादेव, कुंडेश्वर, बांदकपुर जागेश्वर धाम समेत प्रदेशभर के शिवालयों में तड़के 4 बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं।कहीं ब्रह्म मुहूर्त में जलाभिषेक हुआ तो कहीं लोक परंपराओं के साथ भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की गई। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और यातायात डायवर्जन की व्यवस्था की गई है। उज्जैन में बदले समय पर भस्म आरती हुई। भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने के बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। भांग, चंदन, ड्राय फ्रूट और आभूषणों से बाबा महाकाल का राजाधिराज स्वरूप में दिव्य श्रृंगार किया गया।

भगवान गणेश, माता पार्वती और भगवान कार्तिकेय का पूजन कर महाकाल को फल एवं मिष्ठान का भोग लगाया गया और नैवेद्य अर्पित किया गया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई।मध्य प्रदेश के उज्जैन में भगवान महाकाल की पहली शाही सवारी आज शाम 4 बजे नए मार्ग से निकलेगी। इस बार पहली सवारी की थीम 'वैदिक उद्बोधन' रखी गई है। सवारी मार्ग पर सुरक्षा, बैरिकेडिंग और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

काशी विश्वनाथ धाम में फूलों से सजा मंदिर, सुबह से जलाभिषेक

वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया गया है। मंगला आरती के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। मंदिर प्रशासन ने कांवड़ियों और भक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया।

देवघर में 5 किलोमीटर लंबी कतार

झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों की करीब 5 किलोमीटर लंबी कतार लगी है। जिला प्रशासन के अनुसार सावन के पहले सोमवार पर 2 से 3 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, क्विक रिस्पॉन्स टीम और निगरानी व्यवस्था तैनात की गई है।

कांवड़ यात्रा के चलते कई राज्यों में हाई अलर्ट

कांवड़ यात्रा को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 3 से 10 अगस्त तक स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। हरियाणा के नूंह में ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा के लिए 2200 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बढ़ाने के साथ कई एहतियाती कदम भी उठाए गए हैं।

देशभर में शिवभक्ति का उत्सव, हर मंदिर में उमड़ी आस्था

उत्तराखंड के हरिद्वार, बिहार के बांका, राजस्थान के पुष्कर और प्रयागराज समेत कई राज्यों के शिव मंदिरों में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सावन का पहला सोमवार इस बार भी आस्था, श्रद्धा और शिवभक्ति के विराट उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है।

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