MP Fake Teacher: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से शिक्षा विभाग में एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। खबरों के अनुसार सांवेर तहसील के सरकारी स्कूलों में फर्जी डिग्रियों और अंकसूचियों के आधार पर 50 फर्जी शिक्षक बीते करीब 20 सालों से सरकारी नौकरी कर रहे थे। ये फर्जी शिक्षक सरकार के खजाने से अबतक करीब 100 करोड़ रुपये की सैलरी उठा चुके है। मामले का खुलासा दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उजागर हुआ। जिसके बाद पुलिस ने सभी 50 फर्जी मास्टर सहाबों पर FIR दर्ज कर ली है।
शिक्षक भर्ती में लगाई थी फर्जी डिग्री
शुरुआती जांच के अनुसार, इन शिक्षकों ने संविदा शाला शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान फर्जी डिग्रियां लगाई थीं। इतना ही नहीं आरोपियों ने शिक्षा विभाग में नियमितीकरण और संविलियन के दौरान भी फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर पक्की नौकरी करा ली थीं। हालांकि फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने का मामला साल 2023 से चला आ रहा था। लगातार शिकायतों के मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने इस बड़े फर्जीवाड़े को उजागर कर दिया। जिला शिक्षा अधिकारी इंदौर से फर्जी शिक्षकों की अंकसूचियों और डिग्रियों को माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल और संबंधित डिग्री कॉलेजों में जांच के लिए भेजा गया, तो पूरी परते खुल गई।
50 शिक्षकों पर FIR दर्ज
मामले में पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी करने और सरकारी धन का गबन करने के आरोप में 50 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। तो वही शिक्षा विभाग ने सभी फर्जी शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करने और उनके द्वारा वेतन के रूप में लिए गए करीब 100 करोड़ की रिकवरी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।