AIIMS Bhopal Launches Aabhar Card for Organ Donati

अंगदान को बढ़ावा देने नई पहल: एम्स भोपाल में अंगदान के लिए 'आभार कार्ड' शुरू

एम्स भोपाल ने अंगदान को बढ़ावा देने के लिए ‘आभार कार्ड’ शुरू किया। एनएएसएस सेल का उद्घाटन, मरीजों को प्राथमिकता सेवाएं और ट्रांसप्लांट सुविधाओं का विस्तार।

By : स्वदेश डेस्क
अंगदान को बढ़ावा देने नई पहल: एम्स भोपाल में अंगदान के लिए 'आभार कार्ड' शुरू

एम्स भोपाल ने अंगदान और प्रत्यारोपण कराने वाले मरीजों के लिए 'आभार कार्ड (एम्स भोपाल अंगदान एवं जीवन रक्षण कार्ड)' की शुरुआत की है। इसके तहत लाभार्थियों को ओपीडी पंजीकरण में प्राथमिकता, जरूरत के अनुसार सर्जरी में प्राथमिकता और संस्थान के प्रोटोकॉल के अनुसार जांच सेवाओं तक आसान पहुंच दी जाएगी। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) दिगंबर बेहरा ने एम्स भोपाल में एनएएसएस सेल का उद्घाटन किया। इसका उद्देश्य मध्य भारत में अंगदान को बढ़ावा देना और ट्रांसप्लांट सेवाओं को मजबूत करना है।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों को अंगदान की शपथ भी दिलाई गई।

बता दें कि एम्स भोपाल में अंगदान और प्रत्यारोपण को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक अहम पहल है। क्षेत्रीय सीएमई और कार्यशाला के दौरान 'आभार कार्ड' योजना शुरू की गई, जिसके तहत अंगदान करने वाले मरीजों के परिजनों को चिकित्सा सेवाओं में प्राथमिकता मिलेगी। कार्यक्रम में नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज (एनएएसएस) सेल का भी उद्घाटन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने अंगदान की जरूरत पर जोर देते हुए बताया कि एम्स भोपाल अब ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और भविष्य में नई सुविधाएं भी शुरू होने जा रही हैं।

ट्रांसप्लांट में तेजी से आगे बढ़ रहा एम्स भोपाल

डॉ. बेहरा ने बताया कि एम्स भोपाल में अब तक 3 हार्ट और 18 किडनी ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। एम्स दिल्ली के बाद भोपाल दूसरा एम्स है, जहां हार्ट ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध है, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

मध्य भारत में बनेगा मजबूत ट्रांसप्लांट सेंटर

विशेषज्ञों ने कहा कि ट्रांसप्लांट एक जटिल प्रक्रिया है, लेकिन एम्स भोपाल इस क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र के रूप में उभर रहा है। इस सेल के माध्यम से अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाएगी और अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाएगा।

लिवर और लंग ट्रांसप्लांट की तैयारी

एम्स प्रबंधन के अनुसार, संस्थान में लिवर और लंग ट्रांसप्लांट शुरू करने की तैयारी चल रही है। संभावना है कि ये सुविधाएं इसी वर्ष शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को और बेहतर इलाज मिल सकेगा।

 

संबंधित सामग्री

एम्स भोपाल की नई पहल: अब घर बैठे 48 घंटे में मिलेगा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र

एम्स भोपाल की नई पहल: अब घर बैठे 48 घंटे में मिलेगा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र

एम्स भोपाल ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए डिजिटल सिस्टम शुरू किया है, जिससे 48 घंटे में घर बैठे ऑनलाइन प्रमाण पत्र मिल सकेंगे।

Mar 21, 2026
AIIMS भोपाल सुसाइड केस: NHRC ने लिया संज्ञान, HOD पर प्रताड़ना के आरोप; 15 दिन में मांगी रिपोर्ट

AIIMS भोपाल सुसाइड केस: NHRC ने लिया संज्ञान, HOD पर प्रताड़ना के आरोप; 15 दिन में मांगी रिपोर्ट

AIIMS भोपाल में महिला असिस्टेंट प्रोफेसर की आत्महत्या मामले में NHRC ने संज्ञान लिया। प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्वास्थ्य मंत्रालय, AIIMS निदेशक और भोपाल पुलिस को नोटिस भेजकर 15 दिन में

Mar 05, 2026
मन की बात में PM मोदी के तीन मंत्र: टेक्नोलॉजी अपनाएं, ऑर्गन डोनेशन बढ़ाएं, साइबर क्राइम से रहें सतर्क

मन की बात में PM मोदी के तीन मंत्र: टेक्नोलॉजी अपनाएं, ऑर्गन डोनेशन बढ़ाएं, साइबर क्राइम से रहें सतर्क

मन की बात में पीएम मोदी ने टेक्नोलॉजी अपनाने, ऑर्गन डोनेशन बढ़ाने और साइबर क्राइम से सतर्क रहने का संदेश दिया।

Feb 22, 2026
AIIMS की डॉ रश्मि नहीं रही, 24 दिन तक मौत से लड़ते हुए हार गई जंग

AIIMS की डॉ रश्मि नहीं रही, 24 दिन तक मौत से लड़ते हुए हार गई जंग

भोपाल एम्स की डॉ रश्मि 24 दिन तक वेंटिलेटर पर रहते जिंदगी की जंग लड़ रही थी। लेकिन वह यह जंग हार गई। टॉक्सिक वर्क कल्चर से परेशान थी।

Jan 05, 2026