अमेठी। सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल के बीच किसानों को खाद के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने जिले में करीब 480 केंद्रों के जरिए उर्वरक वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। इन केंद्रों पर यूरिया, डीएपी और एनपीके की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी। डीएम ने साफ कहा कि हड़ताल के कारण किसानों की खेती और बुवाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
निजी दुकानों से लेकर एग्री जंक्शन तक संभालेंगे खाद वितरण की जिम्मेदारी
शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर डीएम ने उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 450 निजी उर्वरक रिटेलरों के अलावा आईएफएफडीसी, इफको, महिला उपभोक्ता केंद्र और एग्री जंक्शन सहित लगभग 480 केंद्रों से खाद उपलब्ध कराई जाएगी। इन केंद्रों पर किसानों की जरूरत के मुताबिक उर्वरकों की आपूर्ति कराई जा रही है।
खाद की उपलब्धता पर रहेगी अधिकारियों की नजर
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी वैकल्पिक वितरण केंद्रों पर खाद की उपलब्धता और वितरण की नियमित निगरानी की जाए। किसानों को खाद के लिए अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े और निर्धारित व्यवस्था के तहत आसानी से उर्वरक मिल सके। किसी केंद्र पर कमी या वितरण संबंधी समस्या सामने आने पर तत्काल समाधान कराया जाए।
बुवाई के सीजन में किसानों को राहत देने की तैयारी
जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों का हित सर्वोपरि है। समितियों के सचिवों की हड़ताल के बावजूद उर्वरक वितरण प्रभावित नहीं होना चाहिए। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ वैकल्पिक व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने और किसानों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, उप कृषि निदेशक सत्येंद्र कुमार, जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह निरंजन, एआर कोऑपरेटिव अरविंद यादव, जिला प्रबंधक पीसीएफ/इफको सहित सहकारिता और कृषि विभाग के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।