अंकित पाण्डेय, अमेठी: जमीन की पैमाइश और पत्थर नसब के काम में रिश्वत मांगने के आरोप में एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने बाजारशुक्ल क्षेत्र में तैनात कानूनगो संतराम को 10 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई बाजारशुक्ल थाने के बाहर की गई। कानूनगो की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही तहसील से लेकर राजस्व विभाग तक खलबली मच गई।
पत्थर नसब के लिए मांगे थे 10 हजार रुपये
मामला मुसाफिरखाना तहसील के बाजारशुक्ल क्षेत्र स्थित एक्काताजपुर गांव का है। जानकारी के मुताबिक, यहां पत्थर नसब कराने के एवज में कानूनगो संतराम पर 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। परेशान पीड़ित पक्ष ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की थी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले की जांच कर कार्रवाई की योजना बनाई।
थाने के बाहर बिछाया जाल, रंगे हाथ पकड़ा
मंगलवार को एंटी करप्शन टीम ने बाजारशुक्ल थाने के बाहर कार्रवाई करते हुए कानूनगो को कथित तौर पर 10 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी को अपने साथ ले गई। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। फिलहाल आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
क्या है पत्थर नसब की प्रक्रिया?
राजस्व विभाग में पत्थर नसब जमीन की सीमाओं को मौके पर स्थायी रूप से चिह्नित करने की प्रक्रिया है। इसके तहत निर्धारित स्थानों पर सीमा संबंधी पत्थर लगवाए जाते हैं, जिससे खेतों और भूखंडों की हद स्पष्ट हो सके और भविष्य में सीमा विवाद की आशंका कम हो। इस प्रक्रिया के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।