Datia By-Election: मध्यप्रदेश की सबसे हॉट सीट दतिया में उपचुनाव का रण शुरू हो चुका है। भले ही पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को पार्टी ने टिकट नहीं दिया, लेकिन वे भाजपा की जीत के लिए लगातार क्षेत्र में अपनी सक्रियता बनाए हुए है। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के लिए वे लगातार दौरे कर रहे है। इसी कड़ी में उन्होंने एक सभा के दौरान भाजपा कार्यकार्ताओं को समझाते हुए बड़ी बात कही।
र्निदोषों पर केस बर्दाश्त नहीं
भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा की मेरे र्निदोष कार्यकर्ताओं और लोगों पर केस लगाना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं है। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि आप मेरे मन को समझों... जब में तुम्हारे मन को समझ रहा हूं... तो तुम भी कोशिश करो मुझे समझने की... जब हमारे एक कार्यकर्ता के सिर में लगी तो मुझे दुख हुआ। उन्होंने आगे कहा की आप बदला लेने जैसी बातें ना करें, यहां कांग्रेस के राजनीतिक टूल ना बनें. आप इस बात को समझें कि क्या आशुतोष की क्षमता है टिकट काटने की? टिकट काटने वाले कोई और है और तुम्हारी क्षमता नही है वहां तक जाने की। इसलिए अपना गुस्सा कही गलत जगह पर नहीं निकालों। ब्रह्मास्त्र गलत जगह नहीं दागों मेरे मित्रों.. ब्रह्मास्त्र कही गलत जगह पर दाग दिया तो मुख्य जगह से चूक जाओगे। आप मेरे दिल के नजदीक हो, पूरा शहर मेरे नजदीक है. यह सबने साबित कर दिया है। इससे बड़ी बात क्या हो सकती है. प्रदेश में एमएलए तो 230 हैं ना.. और चर्चा में तुम हो...ये हमारा और दतिया का रिश्ता है और इसके आगे विधायकी कहां लग रही है। नरोत्तम मिश्रा ने आगे कहा की तुम स्पेस दे दोगे तो कोई दूसरा आएगा। ये राजनीति खो खो का खेल है..पीछे खो देने के लिए बैठे रहते है लोग। जिसने खो कर दिया वो हट जाएगा। इसलिए किसी के बहकावे में ना आएं और भाजपा का साथ दें.
क्या बोले प्रत्याशी आशुतोष तिवारी?
वही भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि नरोत्तम मिश्रा मेरे अभिभावक है। इन्होंने मुझे उंगली पकड़कर सिखाया है। मैं इनसे अप्रत्यक्ष रूप से 1995 से जुड़ा हूं। 2003 के चुनाव में प्रभारी बनकर आया था तो पहला दिन था उस दिन मैंने आशीर्वाद लिया। उस दिन के बाद से एक भी ऐसा दिन नही गया जब से मुझे नरोत्तम मिश्रा का स्नेह और आशीर्वाद नहीं मिलता रहा हो। मैने हमेशा इनसे बड़े भाई के तौर पर आशीर्वाद लिया है। कांग्रेस तो लोगों को बरगलाने का काम करती है। दोनों भाईयों के बीच दरार डालने का काम कर रही है। प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने आगे कहा की जब तक मुझ में प्राण रहेंगे मैं वादा करता हूं कि किसी को किसी भी प्रकार की आंच नही आने दूंगा। उन्होंने आगे कहा की मिश्रा जी ने जब भी जो मुझे जिम्मेदारी दी उसे मैंने पूरी निष्ठा के साथ निभाया है। उन्होंने अंत में कहा की मेरे जीवन की आखिरी सांस तक नरोत्तम मिश्रा मेरे बड़े भाई रहेंगे।
नरोत्तम की एड़ी चोटी का जोर
आपको बता दें कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा की इस सक्रियता ने विरोधी दलों के उन दावों को खारिज कर दिया है जिसमें भाजपा के अंदर गुटबाजी की बातें कही जा रही थीं। टिकट न मिलने के बाद भी उनका दतिया में डटे रहना और कार्यकर्ताओं को एकजुट करना यह साफ करता है कि वे इस उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।