विवेक सिंह, संग्रामपुर: विकासखंड संग्रामपुर क्षेत्र के ग्रामसभा इंटौरी स्थित प्राथमिक विद्यालय लोहारन का पुरवा में पढ़ने वाले बच्चों के लिए विद्यालय पहुंचना किसी जंग से कम नहीं है। गांव से विद्यालय तक जाने वाला रास्ता बारिश के बाद दलदल में तब्दील हो गया है। रोजाना बच्चे कीचड़ और गंदे पानी के बीच से होकर विद्यालय पहुंचने को मजबूर हैं।
बरसात के दिनों में रास्ते पर पानी भर जाने से बच्चों को फिसलने और गिरने का डर बना रहता है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चों को इस रास्ते से विद्यालय भेजना जोखिम भरा है। कई बार रास्ते में पानी अधिक भर जाने के कारण बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पाते हैं। विद्यालय में तैनात शिक्षकों के अनुसार गांव में बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से विद्यालय का निर्माण कराया गया था। विद्यालय में पढ़ाई की व्यवस्था होने के बावजूद बरसात के मौसम में खराब रास्ता बच्चों की उपस्थिति पर असर डाल रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें निजी विद्यालयों में भेजने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या भी प्रभावित हो रही है। बच्चों ने बताया कि सुबह विद्यालय जाते समय रास्ते में कीचड़ होने से कपड़े गंदे होने और गिरने का डर रहता है। कई जगह पानी भरा होने के कारण रास्ते से निकलना मुश्किल हो जाता है।
अभिभावकों ने विद्यालय तक जाने वाले रास्ते पर खड़ंजा निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क बनने से लोहारन का पुरवा, नया का पुरवा समेत आसपास के गांवों के लोगों को भी सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।